* नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं के साथ पुलिस कार्यवाही को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कोरबा (मंथन) नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्यवाही पर कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि “लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।”
सांसद श्रीमती महंत ने आगे कहा कि “संसद में विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया जाता और जब युवा सड़क पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने निकलते हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने और विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के सामने केवल धरना दिया था, घेराव नहीं किया था, फिर भी पुलिस का रवैया बेहद कठोर रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि “नीट परीक्षा में लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर खून-पसीने की कमाई खर्च करते हैं। बच्चे दो-दो, तीन-तीन वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं और अच्छे भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनका सपना पलभर में तोड़ देती हैं। ऐसी घटनाएं देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
सांसद श्रीमती महंत ने दावा किया कि “पेपर लीक और परीक्षा विवाद से निराश होकर 20 से 30 विद्यार्थियों ने आत्महत्या तक कर ली, जिनमें कई ऐसे छात्र थे जिनके लिए यह अंतिम प्रयास था। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।”
उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि “वे लंबे समय तक जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे रहे, लेकिन केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने तक नहीं पहुंचा। इसके बाद जब छात्र शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे थे तो उनके साथ बल प्रयोग किया गया।”
ज्योत्सना महंत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सिविल ड्रेस में मौजूद लोगों ने युवाओं पर लाठी चार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने यह बयान कोरबा मेडिकल कॉलेज में आयोजित स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की 48वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा।
24 जुलाई / मंथन मित्तल



