7-8 किमी दूर पीएचसी पर ग्रामीणों को भरोसा नहीं
* 60 किमी दूर ले गए चिकित्सालय
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में कोरबा विकासखंड की देवपहरी ग्राम पंचायत के ग्राम कनसरा अंतर्गत परसपानी मोहल्ले में सर्पदंश पश्चात 11 साल की पहाड़ी कोरवा छात्रा को समय पर उपचार नहीं मिल सका। बताया जा रहा हैं की 7-8 किमी दूर पीएचसी पर भरोसा नहीं होने से परिजन उसे करीब 60 किलोमीटर दूर कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सको ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण नागोराय की 11 साल की बेटी महिमा 7वीं में पढ़ती थी। परिवार जमीन पर सो रहा था। इसी दौरान महिमा को किसी चीज ने काट लिया। उसकी चीख सुनकर परिजन जागे। उस समय उसकी हालत बिगड़ने लगी थी और नाक से खून निकल रहा था। परिजनों ने तुरंत कुनबे के मुखिया और सरपंच प्रतिनिधि अमृतलाल राठिया को इसकी जानकारी दी। सांप के काटने की आशंका पर ग्रामीण महिमा को निजी वाहन से चिकित्सालय ले जाने निकले।
उन्होंने पास के लेमरू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के बजाय सीधे करीब 60 किलोमीटर दूर कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाने का फैसला किया। वहां चिकित्सको ने जांच के बाद उसको मृत घोषित कर दिया।
* 7-8 किमी दूर पीएचसी पर ग्रामीणों को भरोसा नहीं
परिजनों का आरोप लगाते हुए कहना है कि उन्हें लेमरू पीएचसी पर भरोसा नहीं था। उनका आरोप है कि वहां मरीजों को प्राथमिक इलाज देने के बजाय सीधे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। जरूरी जांच और एंटी स्नेक वेनम की सुविधा भी नहीं मिलती। इसी वजह से उन्होंने समय बचाने के लिए सीधे मेडिकल कॉलेज जाने का फैसला किया।
* लगाया संसाधन और स्टाफ की कमी का आरोप
सरपंच प्रतिनिधि अमृतलाल राठिया ने लेमरू पीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में जरूरी संसाधन, दवाएं और स्टाफ की कमी है। इस वजह से मरीजों को हायर सेंटर भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि अगर पीएचसी में व्यवस्था बेहतर हो तो ग्रामीणों को इलाज के लिए 60 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा।
* उंगली पर मिले सांप के काटने के निशान
जिला स्तरीय रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी ने बताया कि महिमा के बाएं हाथ की उंगली पर सांप के काटने के दो छोटे निशान मिले हैं। आशंका है कि उसे काले करैत सांप ने डसा था। करैत के काटने को ‘साइलेंट बाइट’ कहा जाता है। इसमें कई बार जलन या दर्द महसूस नहीं होता, लेकिन तुरंत इलाज की जरूरत होती है। चिकित्सालय पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
14 सितंबर / मंथन मित्तल





