* ओपीएस, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की उठी मांग
कोरबा (मंथन) भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के त्रैवार्षिक अधिवेशन में श्रमिकों के अधिकारों और लंबित समस्याओं पर मंथन के साथ नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। एसईसीएल से जुड़े प्रतीक पाण्डेय को जिलाध्यक्ष तथा बिजली क्षेत्र के केदारनाथ राठौर को जिला मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। अधिवेशन में श्रमिक हितों से जुड़े सात महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।
जेआरसी क्लब एसईसीएल कोरबा में आयोजित अधिवेशन का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद नगर में रैली निकाली गई। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि, बीएमएस के अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल, महापौर संजू देवी राजपूत, लक्ष्मण चंद्रा और एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन सहित विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिवेशन में कोयला कर्मियों की रविवार की ड्यूटी पुन: शुरू करने, सफाई कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम मजदूरी का लाभ देने तथा बिजली कंपनी के कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई गई। आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 21 हजार और 18 हजार रुपये करने, बालको में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू औद्योगिक विवाद अधिनियम (आईडी एक्ट) लागू करने तथा बीएमएस पदाधिकारियों की कथित प्रताड़ना रोकने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किए गए।
मुख्य वक्ता बीएमएस छत्तीसगढ़ के महामंत्री शंखध्वनि सिंह बनाफर और डी. वेंकट राव ने श्रमिक हितों पर विचार रखे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह कैलाश नाहक का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। अध्यक्षता अजय मिश्रा ने की तथा संचालन नवरतन बरेठ ने किया। आगामी तीन वर्षों के लिए गठित कार्यकारिणी में एक कार्यकारी अध्यक्ष, चार उपाध्यक्ष, पांच सहमंत्री, एक कार्यालय मंत्री, एक प्रचार मंत्री और दस कार्यकारी सदस्य चुने गए। जिले में पांच तहसील संयोजक भी बनाए गए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिकहित के सिद्धांतों पर संवाद एवं संगठनात्मक प्रयासों से समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए काम करेगा।
05 नवंबर / मंथन मित्तल





