* एसईसीएल ने दिए परिवार के एक सदस्य को नौकरी और ₹5 लाख
कोरबा (मंथन) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा खदान क्षेत्र में एक हादसा हो गया। सतर्कता चौक के पास एक भारी वाहन की चपेट में आने से ग्राम जपेली निवासी 48 वर्षीय बहारता उर्फ दीवान दास की मृत्यु हो गई। शव को कुसमुंडा स्थित अस्पताल के शवगृह में रखा गया।
घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। स्थानीय ग्रामीण, श्रमिक संगठन और जनप्रतिनिधि सड़क पर उतर आए और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही और सुरक्षा अधिकारियों की लापरवाही के कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं। उनका कहना था कि यदि समय पर ठोस सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
* प्रदर्शनकारियों ने मुआवजा और नौकरी देने की मांग
धरने में शामिल लोगों ने मृतक के परिवार को न्याय, उचित मुआवजा और नौकरी देने मांग की। प्रदर्शन लगातार तेज होता देख एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। लंबी बातचीत के बाद प्रबंधन ने घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि मृतक परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाएगा और तत्काल पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा और अन्य सभी नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे व लाभों का भुगतान भी किया जाएगा।
* आश्वासन के बाद हुआ प्रदर्शन समाप्त
एसईसीएल अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन स्थगित किया।
कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा कैसे हुआ और किसकी लापरवाही रही।
धरना प्रदर्शन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश संगठन मंत्री उमागोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत, श्रम सेवा भू-स्थापित कामगार संगठन के संस्थापक अशोक पटेल, कुसमुंडा खदान अध्यक्ष कैलाश साहू और पीड़ित परिवार के सदस्य पवन दास महंत सहित आसपास के ग्रामो के सैकड़ों ग्रामीण और श्रमिक शामिल हुए।
06 अगस्त / मंथन मित्तल



