कोरबा (मंथन) राज्य शासन ने जल्द पुरानी पेंशन सहित अन्य लंबित मांगों पर फैसला नहीं लिया तो बीएमएस से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ (महासंघ) 10 जुलाई को राज्य बिजली कंपनी मुख्यालय के सामने आमसभा करेगा। इसके बाद भी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर 17 अगस्त से कामबंद हड़ताल की जाएगी।
हालांकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से बिजली कर्मियों की लंबित मांगों पर चर्चा की है। बीएमएस के विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम साय से बिजली कर्मियों की मांगों पर चर्चा की। संगठन पहले ही चरणबद्ध आंदोलन का नोटिस दे चुका है। इसके तहत बिजली कर्मियों के बीच जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चला आमसभा व कामबंद हड़ताल के समर्थन में अभियान चलाया जा रहा है।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ ने बताया मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा में पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती समेत अन्य मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने मांगों पर जल्द निर्णय का आश्वासन दिया है। संगठन ने कहा ठोस निर्णय होने पर ही प्रस्तावित आमसभा व काम बंद हड़ताल स्थगित करने पर विचार होगा।
प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के उपमहामंत्री हरीश चौहान, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष तेजप्रताप सिन्हा, कोषाध्यक्ष कोमल देवांगन, संगठन मंत्री के.एन. यादव, पीयूष सिन्हा और कार्यालय मंत्री चेतनानंद दुबे शामिल रहे।
08 जुलाई / मंथन मित्तल





