* महंगाई-युद्ध के असर से जूझते उद्योगों को मिलेगा सहारा
कोरबा (मंथन) वैश्विक युद्ध, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई चेन में आई बाधाओं से प्रभावित उद्योग-व्यापार को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 को मंजूरी दी है। इसके तहत देशभर के उद्योगों, व्यापारियों और एयरलाइंस सेक्टर को 2.55 लाख करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का सीधा फायदा कोरबा समेत प्रदेश के हजारों एमएसएमई उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत पात्र इकाइयों को अतिरिक्त ऋण लेने पर गारंटी फीस, प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट चार्ज नहीं देना होगा। इससे कारोबारियों को कम लागत में कार्यशील पूंजी उपलब्ध हो सकेगी। जिन एमएसएमई और गैर-एमएसएमई इकाइयों के खाते 31 मार्च 2026 तक स्टैंडर्ड श्रेणी में रहे हैं और ऋण स्वीकृति के समय एनपीए नहीं हैं, वे इस योजना का लाभ ले सकेंगे। एयरलाइंस को छोड़कर अन्य पात्र उद्योग अपनी बकाया कार्यशील पूंजी का 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए तय की गई है। योजना के तहत ऋण पर अधिकतम ब्याज दर 9 प्रतिशत सालाना तय की गई है। उद्योगों को 5 वर्ष और एयरलाइंस को 7 वर्ष में ऋण चुकाने की सुविधा मिलेगी। योजना 31 मार्च 2027 या 2.55 लाख करोड़ की सीमा पूरी होने तक लागू रहेगी। योजना में एयरलाइंस क्षेत्र के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का अलग प्रावधान है। विमानन कंपनियां बकाया ऋण के 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त कर्ज ले सकेंगी। प्रति कंपनी ऋण की अधिकतम सीमा 1500 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है।
05 जून / मंथन मित्तल



