कोरबा (मंथन) एक तरफ सायबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान पर काम कर रही है। दूसरी ओर दूसरों के झांसे में आकर लोग अलग-अलग तरीके से धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।
इसी कड़ी में कुसमुंडा निवासी ने उसके साथ लगभग 20 लाख की धोखाधड़ी हो जाने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इसकी लिखित शिकायत की। पुलिस अधीक्षक के पास निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का यह मामला पहुंचा है जिस पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
शिकायत में प्रार्थी ने कहा कि उनके पड़ोस में रहने वाले पड़ोसी अप्रैल 2025 में उनके घर आए और कोरबा के घंटाघर के पास अपनी कंपनी होने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वे लोगों का पैसा शेयर मार्केट में निवेश कराते हैं और निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिलाते हैं। लगातार संपर्क और भरोसा दिलाने के बाद 7 अप्रैल 2025 को उन्होंने उनके घर पर 2 लाख 20 हजार रुपये नकद लिए। आरोप है कि शुरुआत में कुछ राशि ब्याज के रूप में वापस की गई, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद कथित तौर पर उनके कहने पर उसने अपने परिचितों और दोस्तों से भी निवेश के लिए रकम एकत्र कर उन्हें दी। शिकायत में कई लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम लिए जाने का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच कुल 19 लाख 50 हजार रुपये का लेन-देन किया गया।
वर्तमान में प्रार्थी का आरोप है कि अब वह फोन भी नहीं उठा रहा है और कुसमुण्डा स्थित अपने घर से भी फरार है। परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने पर भी उसके संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक, कोरबा से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने तथा ठगी की गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
27 अगस्त / मंथन मित्तल





