
* बंजर जमीन को हरी-भरी बगिया में बदलने की मुहिम
* सब्जियों और फूलों के लगाए पौधे
कोरबा (मंथन) कोरबा-पश्चिम एसईसीएल दीपका क्षेत्र में कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) की टीम ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल की है। उत्पादन और सुरक्षा की जिम्मेदारियों के साथ पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए मिनी सीएचपी टीम ने अग्निशमन केंद्र (फायर सेक्शन) परिसर में लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी बंजर भूमि को हरी-भरी बगिया में बदलने का प्रयास शुरू किया है।
इस पहल के तहत फायर सेक्शन परिसर की खाली जमीन पर प्याज, धनिया, शिमला मिर्च, बैंगन, पालक और मूली सहित विभिन्न सब्जियों के बीज एवं पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा परिसर की सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से गेंदा फूल के पौधों का भी रोपण किया गया है। टीम का प्रयास है कि अनुपयोगी भूमि का बेहतर इस्तेमाल होने के साथ परिसर में स्वच्छ, सुंदर और हरियाली से भरपूर वातावरण विकसित हो।
मिनी सीएचपी टीम इससे पहले भी सेमी मोबाइल क्रशर तथा बी-3 और बी-4 प्लांट परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा चुकी है। टीम लगातार औद्योगिक परिसरों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास कर रही है।
एसईसीएल दीपका की मिनी सीएचपी टीम की यह पहल औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण बन रही है। टीम ने उत्पादन और सुरक्षा के साथ हरित परिसर के विकास को भी अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया है।
इस सराहनीय कार्य में कपिल प्रजापत, ए.पी. गुप्ता, लव कुमार, संतोष राठौर, परदेसी साहू, सत्यप्रकाश मिश्रा, शोभ राम, मनहरण पटेल, राजकुमार राठौर और विनय पांडे सहित सीएचपी परिवार के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
30 अक्टूबर / मंथन मित्तल





