* भेजीनारा-लालपुर का मुख्य मार्ग बंद करने के प्रयास का किया कड़ा विरोध
* बिना वैकल्पिक मार्ग दिए, आम रास्ता बंद करने की बताई साजिश
* प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी के बच्चों का भविष्य अधर में
* आरोप लगाया की पूर्व में बनी लिखित सहमति से मुकरा कोरबा प्रबंधन और कंपनी
* विधायक की मौजूदगी में निराकरण की उठी मांग
कोरबा (मंथन) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा द्वारा जारी पत्र क्रमांक 3812 (दिनांक 21/08/2026) के तहत भेजीनारा और लालपुर को जोड़ने वाले वर्षों पुराने मुख्य मार्ग पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से बाउंड्रीवाल बनाने का आदेश जारी किया गया है। कोयलाधानी भू-विस्थापित किसान संघ और क्षेत्रीय ग्रामीणों ने इस आदेश को पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और जनविरोधी करार देते हुए इसका पुरजोर विरोध किया है।
कोयलाधानी भू-विस्थापित किसान संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर की अध्यक्षता में भेजीनारा-लालपुर के ग्रामीणों की एक आपात बैठक संपन्न हुई, बैठक में ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त कर आरोप लगाते हुए कहा कि एसईसीएल कोरबा प्रबंधन और आउटसोर्सिंग ठेका कंपनी मिलकर ग्रामीणों के आवागमन के एकमात्र मुख्य रास्ते को जबरन बंद करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
* पूर्व सहमति का उल्लंघन और प्रशासन को गुमराह करने का आरोप
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर ने बताया कि पूर्व में 11/06/2026 को पत्र क्रमांक 272 के माध्यम से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की सूचना दी गई थी, इसके जवाब में एसईसीएल कोरबा महाप्रबंधक द्वारा लिखित आमंत्रण पर 24/06/2026 को महाप्रबंधक कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई थी। इस बैठक में कोरबा महाप्रबंधक राजेश कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के.पी. सिंह, महाप्रबंधक (भू-राजस्व), ए.पी. सिंह, संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर, जनपद सदस्य श्रवण सिंह तंवर, राजेंद्र और नारायण सिंह की मौजूदगी में 8 सूत्रीय मांगों पर लिखित सहमति बनी थी।
इसके बावजूद अब एसईसीएल प्रबंधन और कंपनी के अधिकारी पुलिस प्रशासन का सहारा लेकर बिना कोई वैकल्पिक मार्ग प्रदान किए इस रास्ते को जबरन बंद कर रहे हैं ।
* स्कूली बच्चों और किसानों के जीवन पर सीधा असर
उन्होंने कहा की यह रास्ता केवल एक सड़क नहीं बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा है। लालपुर के छोटे-छोटे बच्चे इसी रास्ते से होकर भेजीनारा स्थित प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र जाते हैं, मार्ग बंद होने से बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
* किसानों की आजीविका
वर्षों से ग्रामीण और किसान इसी मार्ग का उपयोग अपनी कृषि गतिविधियों और आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। बैठक में तय किया गया कि प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में कराए जाने वाले इस बाउंड्रीवाल निर्माण का ग्रामीण और संघ मिलकर उग्र विरोध करेंगे।
ग्रामीणों और भूविस्थापित संघ ने कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक से अपील की है कि वे कल मौके पर उपस्थित रहें और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का स्थायी निराकरण कराएं संघ ने मांग की है कि प्रशासन और प्रबंधन गलत जानकारी देकर ग्रामीणों को गुमराह करना बंद करे आम रास्ते को बहाल रखे तथा पूर्व में सहमत 8 सूत्रीय मांगों का तत्काल निराकरण कर विवाद को समाप्त करे।
24 अगस्त / मंथन मित्तल





