* बचाव पक्ष ने बताया आरोप झूठा और रंजिशपूर्ण
कोरबा (मंथन) कोरबा-पश्चिम के बांकीमोंगरा थाना में दर्ज कथित 1.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अपराध क्रमांक 150/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत आरोपी बनाए गए पूर्व पार्षद रवीन्द्र मोहन बघेल को न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है।
न्यायालय श्रीमान् तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा पीठासीन अधिकारी श्री एच.के. रात्रे ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, पुलिस केस डायरी का अवलोकन करने तथा मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
आरोपी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अमित सिन्हा ने न्यायालय के समक्ष सशक्त पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि शिकायत मनगढ़ंत, झूठी एवं रंजिशवश दर्ज कराई गई है। साथ ही शिकायत दर्ज कराने में अत्यधिक विलंब हुआ तथा आरोपों के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे शिकायत की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठता है।
दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद न्यायालय ने रवीन्द्र मोहन बघेल की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली। हालांकि, मामले की पुलिस जांच जारी रहेगी और आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
06 अगस्त / मंथन मित्तल



