कोरबा (मंथन) ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा नगर निगम के वृद्ध आश्रम स्नेह सदन एवं ब्रह्मकुमारिज आध्यात्मिक उर्जा पार्क में वृद्धजनों के सम्मान, उनके मानसिक सशक्तिकरण एवं आध्यात्मिक उन्नति के उद्देश्य से गौरवपूर्ण वृद्ध अवस्था एवं सम्मानित जीवन विशेष पर राजयोग ध्यान सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम अंतर्गत उपस्थित सभी वृद्धजनों का तिलक लगाकर, शॉल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मान किया गया। वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर उठा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बिंदु दीदी ने कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की जड़ और नींव हैं। उनके अनुभव, त्याग और संस्कार ही परिवार और समाज को मजबूती प्रदान करते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन अशांत हो जाता है, लेकिन राजयोग ध्यान के अभ्यास से मन को स्थिरता, शक्ति और सुकून मिलता है। जब हम स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ते हैं, तो जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। वृद्धावस्था कमजोरी नहीं, बल्कि अनुभव और परिपक्कता की अवस्था है। हमें अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।”
बी.के. विद्या दीदी ने कहा कि “आज कई वृद्धजन अकेलेपन और उपेक्षा का अनुभव करते हैं, जबकि वे परिवार की सबसे बड़ी पूंजी हैं। राजयोग ध्यान उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। ईश्वर की याद से हर दुख दूर हो सकता है। हमारा लक्ष्य है कि हर वृद्धजन स्वयं को सम्मानित, सुरक्षित और खुश महसूस करे। समाज में प्रेम, सहयोग और संस्कारों का वातावरण बने, यही सच्ची सेवा है।” कार्यक्रम के दौरान भजन, गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद वृद्धजनों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
अंत में सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन ने वृद्धजनों के जीवन में नई उमंग, आत्मविश्वास और खुशी का संचार किया।
11 फरवरी / मंथन मित्तल



