* कथित घोटाले की जांच की मांग हुई तेज
कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ के कोयला क्षेत्र से जुड़े एक कथित बड़े वित्तीय अनियमितता मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से जुड़े मामले में करीब 336 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय जांच एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों तक पहुंचने की बात सामने आई है।
हालांकि, पूरे मामले में अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक कार्यवाही की पुष्टि नहीं की गई है। आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एसईसीएल के बिलासपुर मुख्यालय और कोरबा क्षेत्र से जुड़े कुछ मामलों में वित्तीय नियमों के उल्लंघन और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां हुई हैं। शिकायतकर्ताओं ने इसे गंभीर आर्थिक मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरोपों में बड़े स्तर पर वित्तीय लेन-देन, भुगतान प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों की जांच की आवश्यकता बताई गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की गहराई से जांच होने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की मांग की गई है। शिकायत में संबंधित दस्तावेजों की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा की मांग उठाई गई है।
आर्थिक मामलों से जुड़े ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर दस्तावेजों, लेन-देन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका का परीक्षण करती हैं। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही तय की जाती है। एसईसीएल जैसी बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में वित्तीय पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि इस तरह के आरोप सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच प्रक्रिया के बाद ही हो पाएगी। संबंधित विभागों और एजेंसियों की ओर से यदि जांच शुरू की जाती है, तो रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय होगी।
14 जुलाई / मंथन मित्तल



