कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत बनिया के आश्रित ग्राम सेमरहा में सडक़ और पुलिया की कमी से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव से करीब 11 से 12 किलोमीटर तक पक्की सडक़ नहीं है। जबकि पुलिया टूटने के कारण एंबुलेंस यहां नहीं पहुंच पाती और मरीजों को खाट के सहारे आगे ले जाना पड़ रहा है।
बताया गया कि बारिश में रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। आंगनबाड़ी और स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी होती है। वर्ष 2024 में नाले पर पुलिया का निर्माण कराया गया था, जिससे आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद जुलाई 2024 में पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि करीब दो साल बीतने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। वर्तमान में पुलिया के पाइप और टूटे हिस्से नाले में पड़े हैं और लोगों को नाले से होकर रास्ता बनाकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पानी निकासी के लिए पाइप और साइड वॉल की व्यवस्था सही तरीके से नहीं की गई, जिसके कारण पुलिया जल्द क्षतिग्रस्त हुई।
हाल में ही एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस के पास ले जाया जा रहा था लेकिन सडक़ न होने के कारण एंबुलेंस को 4 किलोमीटर दूर मार्ग पर खड़ा रहा। ग्रामीणों ने महिला को खाट में उठा कर नदी नाला और पगडंडी जैसे रास्ते से लाने का प्रयास किया। गर्भवती महिला ने खेत में ही एक बच्चे को जन्म दिया। एंबुलेंस तक पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड दिया।
09 सितंबर / मंथन मित्तल





