कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा द्वारा 5 अगस्त 2026 को जारी स्मरण पत्र ने एक गंभीर प्रशासनिक विरोधाभास को उजागर कर दिया है। पत्र में दीपका, रंजना, चाकाबूड़ा, भिलाई बाजार, छुरी, बांकीमोंगरा सहित विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को साफ-सफाई मद में कार्यरत मजदूरों के बैंक खाते एवं आवश्यक विवरण तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोरबा तथा खंड चिकित्सा अधिकारी, कटघोरा के पूर्व आदेशों के अवहेलना के बाद स्मरण पत्र संदर्भ में जारी किया गया है।विडंबना देखिए कि जिन सफाई कर्मियों/चौकीदारों और आयुष्मान ऑपरेटरों की बैंक जानकारी इतनी तत्परता से संबंधित विभाग द्वारा उनके वेतन भुगतान हेतु मांगी जा रही है, जो पिछले कई महीनों से अपने मानदेय का इंतजार कर रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब मजदूरों का भुगतान समय पर नहीं होना है, तब केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कराने की जल्दबाजी किसलिए? यह कि एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 6 से 12 ग्राम पंचायतों के ग्राम आते हैं। इन क्षेत्रों में अस्पताल परिसर की स्वच्छता,सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इन्हीं कम वेतनभोगी कर्मचारियों पर भी होती है। इसके बावजूद इनका मानदेय नियमित कर्मचारियों की तुलना में लगभग दस गुना कम है।
दूसरी ओर अपेक्षाकृत इनसे अधिक वेतन पाने वाले अनेक नियमित कर्मचारियों की कार्य उपस्थिति और जवाबदेही को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था केवल जानकारी मांगने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि बैंक खातों का विवरण अनिवार्य है तो संबंधित अधिकारियों की यह भी जिम्मेदारी है कि जानकारी समय पर संकलित हो जावें यदि सबसे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी ही समय पर भुगतान से इस प्रकार वंचित रहेंगे तो स्वास्थ्य संस्थानों की स्वच्छता और सेवा गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पढऩा स्वाभाविक है । स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती केवल इन अस्पतालों के बड़े – बड़े भवनो और उपकरणों से नहीं बल्कि उनके इन प्रभावित कर्मचारियों से भी होती है जो प्रतिदिन अस्पतालों को स्वच्छ,सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ पूरा कराने में सहयोग करते है इसलिए प्रशासनिक निर्देशों के साथ-साथ उनके अधिकारों और समय पर मानदेय भुगतान पर भी समान गंभीरता से ध्यान देना अति आवश्यक है।
12अगस्त / मंथन मित्तल





