कोरबा (मंथन) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (तकनीकी-ऑपरेशंस) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार को लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पद के लिए अनुशंसित किया है। उनके चयन की घोषणा के बाद एसईसीएल परिवार में हर्ष का माहौल है।
उन्हें कोयला एवं लिग्नाइट खनन क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने फरवरी 2024 में एसईसीएल में निदेशक (तकनीकी-परियोजना एवं योजना) के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद 1 जनवरी 2025 से वे निदेशक (तकनीकी-ऑपरेशंस) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एसईसीएल में आने से पहले वे एनएलसी इंडिया लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक (कोल कोऑर्डिनेशन) एवं तलाबीरा-2 एवं 3 ओपनकास्ट परियोजना के परियोजना प्रमुख रहे। इससे पूर्व उन्होंने एनएलसी इंडिया में कई महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने द सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड में लगभग 18 वर्षों तक अत्यधिक यंत्रीकृत भूमिगत एवं खुली खदानों के संचालन का अनुभव प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने इंडोनेशिया की 50 लाख टन वार्षिक क्षमता वाली कोयला खदान का पांच वर्षों तक सफल नेतृत्व भी किया।
श्री जयकुमार ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी (अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई) से खनन अभियांत्रिकी में स्नातक किया है। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय, हैदराबाद से पर्यावरण अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा अलगप्पा विश्वविद्यालय, तमिलनाडु से मानव संसाधन प्रबंधन में एमबीए की उपाधि प्राप्त की है। वे डीजीएमएस द्वारा प्रदत्त प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक दक्षता प्रमाणपत्र के धारक होने के साथ ही इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो भी हैं।
खनन संचालन के अलावा उन्होंने खान सुरक्षा, कौशल विकास और रणनीतिक नीतिगत पहलों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे स्किल काउंसिल फॉर माइनिंग सेक्टर के बोर्ड सदस्य रह चुके हैं, तमिलनाडु माइन्स सेफ्टी एसोसिएशन में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं तथा कोयला मंत्रालय की संकट प्रबंधन योजना के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
08 जुलाई / मंथन मित्तल



