* खेती के लायक बारिश का करना पड़ेगा इंतजार
* 12-13 जून से प्री-मानसून गतिविधियां होंगी शुरू
कोरबा (मंथन) केरल में मानसून ने इस बार 4 जून को दस्तक दे दी है। यानी अपने तय समय से करीब 4 दिन पहले। इस खबर ने किसानों के चेहरे पर चमक तो ला दी है। असली मानसूनी बारिश 20 जून के बाद ही शुरू होती है। 25 जून के बाद भी खेती के लिए उपयुक्त स्थिति बन पाती है। जिले में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथि 15 से 20 जून के बीच मानी जाती है। पूर्वानुमान के अनुसार इस साल छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री 20 जून तक होने की पूरी संभावना है। हालांकि जून के दूसरे सप्ताह (12-13 जून) से ही क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी, जिससे हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। मानसून आने की उम्मीद में किसानों ने खेत में अकरस जुताई तो कुछ किसान खुर्रा बोनी भी शुरू कर चुके हैं। जिले में मानसून की ऑफिशियल एंट्री 18 से 20 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि राहत की बात यह है कि जून के दूसरे सप्ताह (12-13 जून) से ही प्री-मानसून प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू हो जाएगी, जिससे तमतमाती गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी और धूल भरी आंधी के साथ बौछारें पड़ेंगी। जिले में जून के महीने की औसत सामान्य बारिश होती है। जून के शुरुआती 15 से 18 दिन पूरी तरह शुष्क, गर्म और उमस भरे बीतते हैं, चूंकि मानसूनी हवाएं जून के आखिरी हफ्ते में ही पूरी तरह सक्रिय होती हैं, इसलिए इस पूरे महीने के कोटे की लगभग 75 से 80 फीसदी बारिश महज 5 से 7 दिनों (24 जून से 30 जून) के भीतर दर्ज की जाती है। यदि इन आखिरी दिनों में बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) न बने, तो जून का पूरा आंकड़ा डेफिसिट यानी सामान्य से कम की श्रेणी में चला जाता है। एक दशक में 6 बार जून के महीने में जिले के किसानों को शुरुआती 20 दिनों तक सूखे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है।
09 जून / मंथन मित्तल



