* सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए जा रहे गंभीर सवाल
* अचानक दबाव बनने बाँध फूटना बताया जा रहा कारण
* राख के उठे सैलाब में बहा ऑपरेटर
* राहत-बचाव कार्य जारी
* प्रबंधन पर लापरवाही का लगा आरोप
कोरबा (मंथन) कोरबा जिलान्तर्गत एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार एचटीपीपी पावर प्लांट के अंतर्गत ग्राम झाबू स्थित राखड़ बाँध के अचानक फूटने से वहां कार्यरत एक जेसीबी वाहन चालक राख के भारी मलबे में दब गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी, घटना पश्चात पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
* अचानक फूटा बाँध, नहीं मिला किसी को संभलने का मौका
बताया जा रहा हैं की सीएसईबी-पश्चिम के इस राखड़ बाँध के एक हिस्से में अचानक दबाव बढ़ा, जिसके चलते देखते ही देखते बाँध फुट गया और राख का तेज बहाव शुरू हो गया। उसी समय एक जेसीबी मशीन बाँध क्षेत्र में काम कर रही थी। ऑपरेटर को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह मशीन सहित राख के दलदल में समा गया।
जानकारी के अनुसार मौके पर मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों ने तत्काल ऑपरेटर को बचाने की कोशिश की, लेकिन राख का दबाव और बहाव इतना तेज था कि कोई भी पास नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में ऑपरेटर पूरी तरह मलबे में दब गया। हादसे की सूचना मिलते ही प्रबंधन और सुरक्षा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। हालांकि शुरुआती हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि ऑपरेटर की जान बच पाना मुश्किल है।
* सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि राखड़ बाँध की स्थिति पहले से ही चिंताजनक थी। कई बार सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी गई, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि नियमित निगरानी और रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही थी। बताया जा रहा हैं की यह पहला मामला नहीं है जब राखड़ बाँध की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी छोटे-मोटे रिसाव और दरार की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्यवाही नहीं की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, राखड़ बाँध जैसे संवेदनशील ढांचों में नियमित तकनीकी जांच और दबाव नियंत्रण अत्यंत आवश्यक होता है, इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही जारी रहेगी ? क्या हर बार एक जान जाने के बाद ही व्यवस्था जागेगी ?
* सख्त कार्यवाही की मांग, जनता में आक्रोश व्याप्त
इस घटना ने कोरबा जिले के समूचे प्रबंधन तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक तरफ राख का सैलाब खेतों और पर्यावरण को तबाह कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक परिवार का चिराग बुझ गया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और अब मांग केवल ‘जांच’ की नहीं, बल्कि सख्त कार्यवाही करते हुए उन अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की है, जिनकी आंखों के सामने यह तांडव हुआ।
19 अप्रैल / मंथन मित्तल



