* सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में जटिल ऑपरेशन हुआ सफल
कोरबा (मंथन) कोरबा जिलान्तर्गत कटघोरा तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सालय के लब्धख्याति प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. हिमांशु खुटिया और उनकी मेडिकल टीम ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत ग्राम महेशपुर निवासी 32 वर्षीय मरीज राजेंद्र कुमार की बेहद जटिल हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हा प्रत्यारोपण) शल्य चिकित्सा निःशुल्क सफलता पूर्वक संपन्न किया है।
* सिकल सेल एनीमिया के कारण थी बड़ी चुनौती
ग्राम महेशपुर के रहने वाले मरीज राजेंद्र कुमार (32 वर्ष) पिछले लंबे समय से कूल्हे के असहनीय दर्द से जूझ रहे थे। उनकी स्थिति तब और गंभीर हो गई जब जांच में पाया गया कि वे सिकल सेल एनीमिया (खून की आनुवंशिक बीमारी) से भी पीड़ित हैं। सिकल सेल के मरीजों में शल्य चिकित्सा के दौरान खून का थक्का जमने, ऑक्सीजन की कमी और संक्रमण (इन्फेक्शन) होने का खतरा सामान्य मरीजों से कई गुना ज्यादा बढ़ जाता हैं। साथ ही मरीज को हार्ड की समस्या भी थी, इस गंभीर स्थिति के कारण शल्य चिकित्सा (सर्जरी) बेहद जोखिम भरी थी और हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. हिमांशु खुटिया व उनकी टीम को ऑपरेशन टेबल पर काफी कड़ा संघर्ष और सूझबूझ का परिचय देना पड़ा।
* 17 जुलाई को हुए थे भर्ती-आज अपने पैरों पर खड़े हैं मरीज
मरीज राजेंद्र कुमार को गंभीर हालत में 17 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में भर्ती कराया गया था। डॉ. हिमांशु खुटिया ने अत्याधुनिक ‘हिप रिप्लेसमेंट” तकनीक का इस्तेमाल कर इस नामुमकिन से दिखने वाले शल्य चिकित्सा को मुमकिन कर दिखाया। इस तकनीक की वजह से जोखिम के बावजूद शल्य चिकित्सा के दौरान बेहद कम खून बहा। चिकित्सको के कड़े संघर्ष और कुशल इलाज का ही नतीजा है कि ठीक होने के बाद राजेंद्र कुमार आज अपने पैरों पर खड़े हो चुके हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
* उपचार हेतु काटे कई बड़े चिकित्सालयो के चक्कर
मरीज पिछले पांच सालों से हिप के दर्द की असहनीय पीड़ा झेल रहा था, इस दौरान इसने ईलाज के लिए बड़े-बड़े चिकित्सालयो के चक्कर काटे, लेकिन पैसों के अभाव में इलाज करा पाने में असमर्थ रहा। दरअसल ऐसी शल्य चिकित्सा के लिए लाखों रुपये का खर्च आता है, जिसे आम आदमी आसानी से वहन कर पाने में सक्षम नही होता। इस बीच मरीज राजेन्द्र को किसी सज्जन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में पदस्थ डॉ. हिमांशु खुटिया के विषय मे जानकारी दी, फिर मरीज बिना देर किए डॉ. खुटिया से मिल उचित परामर्श के साथ इलाज की प्रक्रिया संपन्न की।
* गरीबों के लिए वरदान बनी आयुष्मान योजना
निजी चिकित्सालयो में लाखों रुपये खर्च होने वाली इस जटिल और खर्चीली शल्य चिकित्सा को आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त किया गया। सफल शल्य चिकित्सा और मरीज को दोबारा अपने पैरों पर चलता देख उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने डॉ. हिमांशु खुटिया और चिकित्सालय प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय चिकित्सालय के चिकित्सको की संवेदनशीलता के कारण ही आज मरीज राजेंद्र को यह नया जीवन मिला है। इस बड़ी सफलता पर क्षेत्र के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी पूरी मेडिकल टीम की सराहना की है।
* डॉ. हिमांशु खुटिया ने पहले भी की हैं कई सफल शल्य चिकित्सा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में पदस्थ हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. हिमांशु खुटिया क्षेत्र के मरीजों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं। उन्होंने पूर्व में भी कई ऐसे बड़े और बेहद जटिल शल्य चिकित्सा की हैं, जिन्हें अन्य जगहों पर चिकित्सको ने बहुत जोखिम भरा बताया था। यही कारण है कि आज दूर-दूर के क्षेत्रों से निराश हो चुके मरीज इलाज और सही परामर्श के लिए विशेष रूप से डॉ. हिमांशु खुटिया के पास आते हैं। उनकी विशेषज्ञता, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा में भी कॉर्पोरेट जैसी चिकित्सा सुविधाएं देने की उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।
28 जुलाई / मंथन मित्तल



