* 2 नवंबर से अनिश्चितकालीन तालाबंदी की घोषणा
* पर्याप्त स्टाफ के साथ स्थायी तहसीलदार की भी उठी मांग
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के उपनगरीय क्षेत्र हरदीबाजार के तहसीलदार का स्थानांतरण होने के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं किए जाने से नाराज अधिवक्ता संघ हरदीबाजार ने आंदोलन की घोषणा की हैं। संघ के अधिवक्ताओं ने 27 से 30 अक्टूबर तक न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार किया। इस दौरान प्रशासन की ओर से मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर 2 नवंबर से अनिश्चितकालीन तालाबंदी की घोषणा की हैं।
अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। बहिष्कार के तहत तहसीलदार न्यायालय एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से संबंधित सभी राजस्व न्यायालयीन कार्यों में अधिवक्ता शामिल नहीं होंगे। संघ का कहना है कि तहसील कार्यालय में सुचारु कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। अधिवक्ता संघ हरदीबाजार के अध्यक्ष ने कहा कि स्थानांतरण के बाद वर्तमान तहसीलदार को तत्काल कार्यमुक्त करने, तहसील कार्यालय में स्थायी रूप से अनुभवी एवं जानकार तहसीलदार की पदस्थापना करने तथा कार्यालय में कर्मचारियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के दौरान प्रशासन की ओर से मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं की गई, तो 2 नवंबर से अनिश्चितकालीन तालाबंदी की जाएगी।
31 अक्टूबर / मंथन मित्तल





