* बैंक का लोन अधिकारी बन दिया ठगी को अंजाम
कोरबा (मंथन) जानकारी के अनुसार प्रार्थी पाथिवाड़ा चक्रधर भारत एल्युमिनियम कंपनी (बालको) में असिसटेंट मैनेजर पदस्थ हैं। घर में पैसे की जरूरत होने से उसने एक बैंक पोर्टल में आनलाईन लोन एप्लाई किया था, जिसका एप्लीकेशन नंबर उसे प्राप्त हुआ था, जो रिजेक्ट हो गया।
इसके बाद दो व्यक्तियों ने मोबाईल नंबर के माध्यम से सम्पर्क कर स्वयं को लोन से संबंधित अधिकारी एवं एजेंट बताकर 30 लाख रूपये का लोन करवाने की बात कही। 30 हजार रूपये आनलाईन पेमेंट करने पर लोन सेंक्शन लेटर देने की बात पर किस्तों में 30 हजार रूपये आनलाईन पेमेंट किया तब उनके द्वारा प्रार्थी के वाट्सअप पर 30 लाख का लोन सेंक्शन लेटर भेजा गया। फिर 13 अगस्त से 24 सितंबर तक समय-समय पर विभिन्न शुल्को जैसे लोन प्रोसेसिंग फीस, सिक्युरिटी डिपोजिट, फाईल चार्ज एवं अन्य खर्चों के नाम कुल लगभग 08 लाख रूपये विभिन्न मोबाईल नंबरों तथा यूपीआई आईडीएस में डलवा लिया गया। इसके बाद ना तो 30 लाख का लोन दिलवाये और ना ही पीड़ित का पैसा वापस कर रहे हैं। पैसा वापस मांगने पर बहानाबाजी कर रहे हैं तथा सम्पर्क करना भी बंद कर दिये।
इस तरह भारी आर्थिक नुकसान एवं मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे बालको अधिकारी पाथिवाडा चक्रधर की रिपोर्ट पर बालको थाना में उनके विरुद्ध धारा ३१८(४)-बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
29 सितंबर / मंथन मित्तल





