* करतला और पाली ब्लॉक के जलाशयों में तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
* सिंचाई की चिंता हुई दूर
* 25 जलाशयों के गेट के ऊपर पहुंचा पानी
* मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय हुआ लबालब
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में आषाढ़ के बाद शुरू हुई बारिश की वजह से 40 जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गर्मी के समय औसत भराव 20 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया था। अब 50 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है। मड़वाढोढ़ा जलाशय अभी से पूरा भर गया है। बाकी जलाशयों में पानी का भराव गेट के ऊपर आ गया है।
जानकारी के अनुसार लघु जलाशयों की सिंचाई क्षमता 9 हजार 112 हेक्टेयर है। इस बार भी गर्मी के समय जलस्तर गिरने पानी का भराव से गेट दूर चला गया था। कई जलाशय तो सूख गए थे। पाली में सबसे अधिक 14 जलाशय हैं। इस क्षेत्र में अधिक बारिश होने की वजह से नदी और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। करतला के 7 में से 6 जलाशय सूख गए थे। जुनवानी में ही पानी बचा हुआ था। इसी तरह कोरबा ब्लॉक के बेला और बताती जलाशय में पानी ही नहीं रुकता है। अभी दोनों जलाशयों का जल स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक में 7 जलाशय है। जिसमें से मड़वाढ़ोढ़ा जलाशय पूरा भर गया है। इसी तरह आमाखोखरा और कोनकोना जलाशय का जलस्तर 50 प्रतिशत से अधिक है। बारिश अधिक होने से किसान अभी लेही पद्धति से खेती कर रहे हैं। रोपा लगाने का काम भी अगले पखवाड़े से शुरू हो जाएगा। जलाशयों से धान की नर्सरी के लिए पानी नहीं दिया जाता है।
* बांगो बांध में 62% पानी भराव होने पर 5 हजार हेक्टेयर में ही सिंचाई
बांगो बांध की सिंचाई क्षमता भले ही 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर है। लेकिन नहर से खेत ऊपर होने से कोरबा और करतला ब्लॉक में मात्र 5 हजार हेक्टेयर में ही सिंचाई होती है। बांध का भराव 62 प्रतिशत पहुंच गया है। जल स्तर 352.65 मीटर से अधिक है। बांध में अभी 15 मिलियन घन मीटर पानी आ रहा है।
* 6 हजार हेक्टेयर घटी सिंचाई क्षमता, मरम्मत है जरूरी
जिले के जलाशय 40 से 45 साल पुराने हैं। इसकी वजह से ही जलाशय की सिंचाई क्षमता 5 हजार हेक्टेयर तक कम हो गई है। पहले सिंचाई क्षमता 15 हजार हेक्टेयर थी। अब जलाशय और नहरों की मरम्मत कर सिंचाई क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
* बांध, तालाब, नलकूप व कुएं से 30% सिंचाई का रकबा
जिले में सिंचाई का रकबा 30 प्रतिशत है। सबसे अधिक पानी की जरूरत धान की फसल के लिए होती है। जलाशय, तालाब, नलकूप और कुएं से किसान सिंचाई करते हैं। धान की फसल का रकबा 90 हजार हेक्टेयर है। सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए एनीकट बनाए जा रहे हैं, ताकि किसान पंप लगाकर सिंचाई कर सकें।
* जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा, किसानों की मांग अनुसार देंगे पानी
जल संसाधन विभाग कोरबा ईई नयन रंजन चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया की जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अभी पानी की मांग नहीं आती है। भराव के अनुसार मांग आने पर सिंचाई के लिए पानी देंगे। अंतिम छोर के खेतों तक पानी पहुंचे इसके लिए व्यवस्था कर रहे हैं।
11 जुलाई / मंथन मित्तल



