कोरबा (मंथन) मोबाइल और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एमएलसी कॉलेज, कोरबा में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए साइबर फ्रॉड अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। बजाज फाइनेंस और कॉलेज प्रशासन के संयुक्त आयोजन में विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में साइबर सेल के अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी अब लोन दिलाने, बैंकिंग सेवाओं, फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
* आसान लोन का झांसा, खाली करा सकता है बैंक खाता
विद्यार्थियों को विशेष रूप से लोन फ्रॉड को लेकर सतर्क किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कम ब्याज दर, बिना दस्तावेज लोन या तत्काल लोन स्वीकृति का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध मोबाइल ऐप को एडवांस फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने से बचने की सलाह दी गई।
* ओटीपी और यूपीआई पिन को लेकर बरतें सावधानी
कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के सामान्य नियमों को भी समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अनजान नंबर से आए मैसेज या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई।
* डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वालों से रहें सावधान
साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी जागरूक किया। बताया गया कि ठग पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय कॉल को नजरअंदाज कर परिजनों और पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने तथा साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में कॉलेज डायरेक्टर भूपेन्द्र शर्मा, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अजय सोनवानी, साइबर पुलिस के विकेश्वर सिंह और श्याम सिदार सहित बजाज फाइनेंस के रीजनल मैनेजर नागपुर पंकज गायकवाड़, सीनियर एरिया मैनेजर रायपुर मनीष उके, डिप्टी एरिया मैनेजर कोरबा विकास भालाधरे और स्थानीय पुलिस के जवान उपस्थित रहे।
23 अगस्त / मंथन मित्तल





