* मानव सेवा मिशन ने पहाड़ी कोरवा परिवारों तक पहुंचाई मदद
* विश्व आदिवासी दिवस पर सेवा की अनूठी पहल
* जरूरतमंद परिवारों को प्लास्टिक, बच्चों को शिक्षण सामग्री का वितरण
कोरबा (मंथन) विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मानव सेवा मिशन, बालको ने सेवा, सहयोग और शिक्षा की भावना को साकार करते हुए विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच पहुंचकर जरूरत की सामग्री का वितरण किया। ग्राम भूड़ूमाटी एवं छातीबहार में आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान बारिश से बचाव के लिए परिवारों को छत ढकने हेतु प्लास्टिक प्रदान किया गया, वहीं बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉपी, पेंसिल, पुस्तकें एवं अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की गई।
* घास-फूस की छतों के लिए बारिश में सहारा बनी सेवा
पहाड़ी कोरवा परिवारों के अनेक घरों की छत आज भी घास-फूस से बनी हुई है। बारिश के मौसम में लगातार वर्षा के कारण इन छतों से पानी टपकने और घर के भीतर नमी आने से परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में छत को ढकने के लिए प्लास्टिक इन परिवारों के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है।
इसी आवश्यकता को समझते हुए मानव सेवा मिशन द्वारा पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में इन क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यकतानुसार प्लास्टिक पहुंचाया जाता रहा है। इस बार भी विश्व आदिवासी दिवस को केवल आयोजन तक सीमित न रखते हुए मिशन की टीम ने जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर सेवा का संदेश दिया।
* बच्चों को बांटी शिक्षण सामग्री
सेवा अभियान के दौरान बच्चों को शिक्षण सामग्री का वितरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते हुए मानव सेवा मिशन की टीम ने कहा कि किसी बच्चे की शिक्षा केवल उसके परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को यदि समय पर कॉपी, पुस्तक, पेंसिल और अन्य आवश्यक सामग्री के साथ प्रोत्साहन मिले, तो उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ता है। यही बच्चे आगे चलकर अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं।
मानव सेवा मिशन द्वारा इसी सोच के साथ जरूरतमंद बच्चों के बीच समय-समय पर शिक्षण सामग्री का वितरण किया जाता है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां किसी बच्चे की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बनें।
इस अवसर पर केशव चन्द्रा, क्रांति सोनी, कमलेश बोहरपी, लिलेश्वर शर्मा, पीतम लाल सोमनकर, छायांक चन्द्रा एवं कृतार्थ सोनी उपस्थित रहे।
11 अगस्त / मंथन मित्तल





