* वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के ग्राम तरदा सुबह कुछ किसान खेतों में काम कर रहे थे, तभी उन्हें कीचड़ में एक मगरमच्छ बैठा दिखा। मगरमच्छ की सूचना मिलते ही ग्राम तरदा और आसपास के gramobसे बड़ी संख्या में लोग उसे देखने खेत में जमा हो गए। किसानों ने तत्काल ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए रस्सी और जाल की सहायता से मगरमच्छ को पकड़ लिया और उसे एक सुरक्षित स्थान पर बांधकर वन विभाग को सूचित किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मगरमच्छ का आकार छोटा था, जिसकी लंबाई लगभग 3 से 4 फीट आंकी गई। ग्रामीणों ने इसे मगरमच्छ का बच्चा बताया। मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत ग्राम तरदा पहुंची। टीम के सदस्यों ने मगरमच्छ का प्राथमिक परीक्षण किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि “हमें ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि खेत में मगरमच्छ है, जिसे उन्होंने पकड़कर रखा हुआ था। अभी तक केवल एक ही मगरमच्छ मिला है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जा रही है और मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।”
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्राम तरदा हसदेव नदी के किनारे स्थित है। बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ बहकर खेतों तक पहुंच गया होगा। विभाग ने क्षेत्र में और भी मगरमच्छ होने की संभावना जताई है, जिसके चलते आसपास के खेतों और नदी किनारे सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी किनारे अकेले न जाएं और बच्चों को भी वहां जाने से रोकें। विभाग ने यह भी कहा है कि यदि कहीं मगरमच्छ दिखे तो उसे स्वयं पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचित करें। पकड़े गए मगरमच्छ को फिलहाल वन विभाग के संरक्षण में रखा गया है।
08 अगस्त / मंथन मित्तल



