* कॉलेज स्टाफ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कोरबा (मंथन) कोरबा शहर में आईएएस प्रतीक जैन (जिला पंचायत सीईओ) और कॉलेज स्टाफ के बीच तनातनी हो गयी हैं। बताया जा रहा हैं की शासकीय ईवीपीजी कॉलेज में आयोजित शासकीय कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बन गया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने जिला पंचायत के नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (आईएएस) प्रतीक जैन पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, अभद्र व्यवहार करने तथा निलंबन की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत कॉलेज परिसर में आयोजित “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” कार्यक्रम के दौरान हुई। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार कार्यक्रम शुरू होने से करीब आधा घंटा पहले पहुंचे सीईओ प्रतीक जैन व्यवस्थाओं को देखकर नाराज हो गए। आरोप है कि उन्होंने विद्यार्थियों और अन्य लोगों की मौजूदगी में प्राचार्य, शिक्षकों तथा कर्मचारियों से तीखे लहजे में बात की और निलंबन जैसी कार्यवाही की चेतावनी दी। कॉलेज स्टाफ का कहना है कि इस व्यवहार से पूरे महाविद्यालय की गरिमा आहत हुई। महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा था और कॉलेज ने केवल परिसर उपलब्ध कराया था। उनका आरोप है कि तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कॉलेज प्रबंधन के साथ कोई समुचित समन्वय नहीं किया गया, इसके बावजूद पूरी जिम्मेदारी कॉलेज पर डालकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से फटकारा गया।
जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर की नहीं थीं और उन्होंने केवल उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान कॉलेज के एक सहायक प्राध्यापक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। सीईओ ने बताया कि उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च शिक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर दी है तथा आवश्यक कार्यवाही का आग्रह किया है। उनका यह भी दावा है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से बाद में कलेक्टर को माफीनामा सौंपा गया।
05 अगस्त / मंथन मित्तल



