* ग्राम सराईसिंगार प्राथमिक शाला की बदहाली उजागर
* नया भवन मांगते-मांगते थक गए ग्रामीण
* छत से टपक रहा पानी
* दीवारों में हैं दरारें
कोरबा (मंथन) कोरबा जिलान्तर्गत विकासखंड करतला के संकुल केंद्र अजगरबहार अंतर्गत ग्राम नरबदा, ग्राम पंचायत अजगरबहार स्थित प्राथमिक शाला सराईसिंगार की बदहाल स्थिति ने शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार लगभग 45 से 50 वर्ष पुराने विद्यालय भवन में आज भी छोटे-छोटे मासूम अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात शुरू होते ही विद्यालय की छत से लगातार पानी टपक रहा है, कमरों में पानी भर जाता है और दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं।
बताया जा रहा हैं की इस गंभीर समस्या की जानकारी केवल मौखिक रूप से नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत अजगरबहार के सरपंच नारायण सिंह गोंड द्वारा 13 जुलाई को कलेक्टर, कोरबा के नाम लिखित आवेदन देकर भी दी जा चुकी है।
पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि विद्यालय भवन 45-50 वर्ष पुराना और पूरी तरह जर्जर हो चुका है। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है, कमरों में पानी भर जाता है तथा भवन की छत कभी भी गिर सकती है, जिससे छात्र-छात्राओं की जान को खतरा बना हुआ है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि नया भवन नहीं होने के कारण बच्चों को चबूतरे में बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ रही है। सरपंच ने तत्काल नए विद्यालय भवन की स्वीकृति देने मांग की है।
हर वर्ष विद्यालय खुलने से पहले शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय भवनों का निरीक्षण, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विद्यालय का सुरक्षा निरीक्षण हुआ था ? यदि हुआ था तो जर्जर भवन को सुरक्षित किस आधार पर घोषित किया गया ? यदि निरीक्षण नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं ? क्या बच्चों की जान से बढ़कर सरकारी औपचारिकताएं हो गई हैं ?
यदि विद्यालय की स्थिति पहले से खराब थी तो इसकी रिपोर्ट कब भेजी गई ? यदि रिपोर्ट भेजी गई थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई ? यदि रिपोर्ट ही नहीं भेजी गई तो यह भी गंभीर लापरवाही का मामला है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। जब छत से लगातार पानी टपक रहा है और भवन जर्जर हो चुका है, तब बच्चों को उसी भवन में बैठाकर पढ़ाना बेहद खतरनाक है। ग्रामीणों, पालकों और जन प्रतिनिधियों ने मांग की है कि विद्यालय भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जब तक नया भवन नहीं बनता, बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।नए विद्यालय भवन की तत्काल स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर विधिसम्मत कार्यवाही की जाए।
15 जुलाई / मंथन मित्तल



