कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। कोरबा वनमंडल अंतर्गत आने वाले ग्राम पीडिया और तुर्रीकटरा के बीच स्थित जंगल में एक हाथी के हमले में 55 वर्षीय ग्रामीण की मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान जहाज सिंह राठिया (लगभग 55 वर्ष), निवासी ग्राम पीडिया के रूप में की गयी।
जानकारी के अनुसार, जहाज सिंह राठिया गुरुवार सुबह रोजमर्रा की तरह जंगल में पुटु (जंगली मशरूम) निकालने गए थे। बरसात के मौसम में ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगल से पुटु और अन्य वनोपज एकत्र करने जाते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय भी होती है। इसी दौरान जंगल में पहले से मौजूद एक जंगली हाथी से उनका अचानक सामना हो गया। बताया जा रहा हैं की हाथी को सामने देख ग्रामीण ने वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और घटना स्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
जंगल में मौजूद अन्य लोगों ने घटना की सूचना गांव पहुंचाई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल की ओर पहुंचे। ग्रामीण की मृत्यु की खबर मिलते ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में जंगल से पुटु और अन्य वनोपज लाना यहां के लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन लगातार बढ़ रहे हाथियों के खतरे ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। अधिकारियों द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ घटना की जांच भी की जा रही है। साथ ही हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के लिए हाथियों की सुरक्षा और ग्रामीणों की जान-माल की रक्षा के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी प्रणाली, त्वरित सूचना तंत्र और जनजागरूकता अभियान को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।मृतक की पत्नी सुुमित्रा बाई को तत्कालित सहायता राशि 25 हजार दे दी गई है।
11 जुलाई / मंथन मित्तल



