कोरबा (मंथन) कोरबा जिले में डीएमएफ मद से मानदेय भृत्य भर्ती की सूचना छिपाकर आमजनों को गुमराह करते हुए पारदर्शिता न बरतने का गंभीर आरोप लगाया गया हैं। साथ ही प्रधान पाठक पर निर्देश की अवहेलना, जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत उपसरपंच ने कलेक्टर से की है।
जानकारी के अनुसार विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द उपसरपंच ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए बताया कि वह स्थायी शिक्षा समिति अध्यक्ष भी है। जिला प्रशासन द्वारा 20 जून को जारी सूचना के अनुसार सिरकीखुर्द में स्थित शासकीय कन्या आश्रम और माध्यमिक पूर्व शाला गांधीनगर सिरकीखुर्द में डीएमएफ मद से मानदेय भृत्य पद के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने निर्देश था। इन दोनों विद्यालयों में लगभग 250 से 300 बच्चे अध्ययनरत है। उपसरपंच ने आरोप लगाया है कि आदेश के क्रियान्वयन में विद्यालयों के प्रधान पाठकों द्वारा अनियमितता बरती गई है। भर्ती की सूचना छिपाई गई है। उन्होंने कहा कि संकुल प्रभारी ने प्रधान पाठकों को निर्देशित किया था कि जिला प्रशासन के आदेशानुसार कोई मोहल्ला न छूटें, सभी मोहल्लों तक जानकारी पहुंचाते हुए ज्यादा से ज्यादा पात्र युवाओं से आवेदन भराया जाए। इसके बाद भी प्रधान पाठक द्वारा 23 से 26 जून तक सूचना पटल, ग्रामसभा, मुनादी या वाट्सअप ग्रुप किसी भी माध्यम से आमजन को सूचना नहीं दी गई।
30 जून को विद्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अनुपस्थित थे। उनकी अनुपस्थिति में पंचायत के एक व्यक्ति को अध्यक्ष के रूप में बिठाया गया। उक्त व्यक्ति द्वारा बैठक में चयन प्रक्रिया को लेकर उपसरपंच और उनके परिवार पर टिप्पणी की गई। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन में महिला के साथ जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाया गया है। मामले में उपसरपंच ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
07 जुलाई / मंथन मित्तल



