कोरबा (मंथन) “कोरबा जिले के छोटे से ग्राम केराकछार, ब्लॉक पाली की श्रमिक दंपति की संतान 23 साल की संजू देवी ने राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बिलासपुर के बहतराई आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी में जुलाई-2023 से प्रशिक्षण लेते हुए भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इतिहास में नाम दर्ज कराने वाली संजू देवी को राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है जबकि वह 3 करोड़ के प्रोत्साहन राशि की हकदार है। इतना नहीं तो शासन के बताए अनुसार ही सही न्यूनतम राशि एक करोड़ रुपये तो देना ही था। आखिर इसमें कटौती किसलिए की गई…?”
छत्तीसगढ़ सरकार से यह सवाल कोरबा जिले के पाली-तानाखार क्षेत्र विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने किया है जिनके निर्वाचन क्षेत्र से संजू देवी आती हैं। उन्होंने कहा कि “संजू देवी को उनके शानदार खेल की वजह से नवम्बर 2025 में बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी विश्वकप में मोस्ट वेल्युबल प्लेयर चुना गया था। कबड्डी विश्वकप के फाइनल में भारत को मिले 35 प्वाइंट्स में से 16 प्वाइंट्स अकेले संजू ने दिलाए थे। सेमी-फाइनल सहित अन्य मैचों में भी उन्होंने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संजू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की पहली कबड्डी खिलाड़ी हैं। कबड्डी विश्व कप के साथ ही उन्होंने पिछले साल मार्च में ईरान में आयोजित एशियन कबड्डी चैम्पियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब, ऐसे खिलाड़ी को पूर्ण रूप से प्रोत्साहित करने की बजाय 50 लाख की सम्मान राशि देकर सरकार और मंत्री वाहवाही लूट रहे हैं।” श्री मरकाम ने आगे बताया कि उनके द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित कराते हुए सवाल किए गए थे। इन सवालों में ग्राम केराकछार निवासी अंतर्राष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी का भी जिक्र किया। राज्य के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि व शासकीय नौकरी से जुड़े सवाल किए गए थे।
19 अप्रैल / मंथन मित्तल



