* माता-पिता ने नाम रखा ‘शिवाय’
कोरबा (मंथन) चिकित्सा सेवा जब मानवीय संवेदनाओं से जुड़ जाती है, तो वह केवल इलाज नहीं बल्कि एक यादगार रिश्ता बन जाती है। कोरबा के नया बस स्टैंड स्थित शिवाय हॉस्पिटल में एक ऐसी ही सुखद घटना सामने आई है, जिसने डॉक्टरों और स्टाफ के प्रति कृतज्ञता की एक नई मिसाल पेश की है।
कोरबा शहर के लब्धख्याति. प्रतिष्ठित शिवाय हॉस्पिटल से एक सुखद और यादगार समाचार सामने आया है। अस्पताल में पहली सफल डिलीवरी संपन्न हुई है। इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने नवजात शिशु का नाम अस्पताल के नाम पर ही “शिवाय” रखा है।
* डॉ. पूर्णिमा सुरभि के नेतृत्व में सफल डिलवरी
यह खुशी बलगी निवासी श्रीमती नीलम पटवार और उनके पति रोशन पटवार के घर आई है। प्रसव का पूरा मामला स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्णिमा सुरभि की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने पुष्टि की है कि वर्तमान में माँ और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
* परिजनों ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नवजात के परिजनों ने शिवाय हॉस्पिटल की आधुनिक सुविधाओं और मेडिकल टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। अस्पताल प्रबंधन ने भी इसे एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए क्षेत्र में उच्च स्तरीय मातृत्व और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प को दोहराया है।
* मानवता का सबसे खूबसूरत रूप
अक्सर अस्पतालों को व्यावसायिक नजरिए से देखा जाता है, लेकिन शिवाय हॉस्पिटल की इस कहानी ने साबित कर दिया कि सेवा, संवेदना और इंसानियत आज भी चिकित्सा जगत की बुनियाद है। यह नन्हा ‘शिवाय’ अब अस्पताल और मरीज के बीच के उस पवित्र भरोसे का प्रतीक बन गया है जिसे यह परिवार उम्र भर संजोकर रखेगा।
10 अप्रैल / मंथन मित्तल



