कोरबा (मंथन) कोरबा जिला अधिवक्ता संघ के सत्र 2026-28 के लिए चुनावी बिगुल बजते ही कोरबा न्यायालय परिसर का तापमान बढ़ गया है। वकीलों की राजनीति के इस सबसे प्रतिष्ठित चुनाव में नामांकन की सूची सार्वजनिक होने के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि मुकाबला बेहद रोमांचक और पेचीदा होने वाला है। विशेष रूप से अध्यक्ष पद के लिए हो रही घेराबंदी ने पूरे न्यायालय परिसर को चुनावी अखाड़े में तब्दील कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 813 सदस्यों वाले इस संघ में अध्यक्ष पद हेतु शिव नारायण सोनी, गणेश कुलदीप, संजय जायसवाल और राकेश दुबे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चारों ही उम्मीदवार को अनुभवी माना जा रहा हैं और वे संघ की गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। मैदान में उतरे इन चार नामों ने चुनाव को ‘चतुष्कोणीय’ बना दिया है, जिससे वोटों का बिखराव होना तय माना जा रहा है। अब जीत उसी की होगी जो अंतिम समय में तटस्थ मतदाताओं को अपने पाले में लाने में सफल होगा।
इस बार का चुनाव केवल उम्मीदवारों के दम पर नहीं, बल्कि परदे के पीछे चल रही रणनीतियों के दम पर भी लड़ा जा रहा है। कुछ पदों पर निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद, वे उम्मीदवार अब पूरी तरह से स्वतंत्र होकर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। ये रणनीतिकार अलग-अलग खेमों में पैठ बना रहे हैं, जिससे पुराने समीकरण ध्वस्त होते दिख रहे हैं। न्यायालय परिसर में इन दिनों मुकदमों से ज्यादा चर्चा चुनाव की हो रही है। लाइब्रेरी से लेकर कैंटीन तक, हर तरफ बस एक ही सवाल है की “हवा किस तरफ बह रही हैं?” उम्मीदवारों के समर्थक अपने-अपने नेताओं की खूबियां गिनाने में जुटे हैं। कोई पिछले कार्यों की दुहाई दे रहा है, तो कोई परिवर्तन और युवा नेतृत्व के नाम पर वोट मांग रहा है। आशीर्वाद लेने और संपर्क साधने का सिलसिला देर शाम तक वकीलों के चैंबरों में जारी हैं।
जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, अधिवक्ताओं का मौन उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस बार जीत का अंतर बहुत कम रहने वाला है। कांटे के इस मुकाबले में जो उम्मीदवार अधिवक्ताओं के मान-सम्मान और संघ की बेहतरी के लिए ठोस रोडमैप पेश करेगा, बाजी उसी के हाथ लगेगी।
08 अप्रैल / मंथन मित्तल



