* एपेक्स जेसीसी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
कोरबा (मंथन) कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) प्रबंधन कोयले की मांग में कमी को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। इस विषय पर आयोजित सीआईएल की एपेक्स जेसीसी (ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी) की बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में कंपनी के पास लगभग 120 मिलियन टन (एमटी) कोयले का स्टॉक उपलब्ध है।
प्रबंधन ने बैठक में यह भी स्वीकार किया कि निजी कंपनियों द्वारा उत्पादित कोयले की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर मानी जा रही है। साथ ही रेलवे रैक समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण भी कोयला आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में सीआईएल को अपने कोयले की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने आईपीओ, लेबर कोड, रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डरों के प्रमोशन सहित कई मुद्दे उठाए। इस पर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि लेबर कोड केंद्र सरकार का नियम है और सीआईएल इसे लागू करेगा, हालांकि इसे लागू करने से पहले यूनियनों के साथ चर्चा की जाएगी।
रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डरों के प्रमोशन के मुद्दे पर प्रबंधन ने कहा कि इस विषय पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मई 2025 में हुई एपेक्स जेसीसी बैठक में भी प्रबंधन ने बताया था कि सीएमडी मीटिंग में इस विषय पर सहमति नहीं बन पाई थी। यूनियनों ने बैठक में ठेका मजदूरों के मुद्दे, एचपीसी तथा 9.4.0 को लागू करने की मांग भी उठाई।
बैठक की अध्यक्षता सीआईएल के चेयरमैन बी. साईराम ने की। इस दौरान निदेशक (कार्मिक) डॉ. विनय रंजन, निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट), निदेशक (वित्त), निदेशक (मार्केटिंग) सहित सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी उपस्थित रहे। ट्रेड यूनियनों की ओर से रमेंद्र कुमार (एटक), हरभजन सिंह सिद्धू (एचएमएस), डी.डी. रामनंदन (सीटू), के.एल. रेड्डी (बीएमएस) और सर्वेश सिंह (सीएमओएआई) ने बैठक में भाग लिया। लंबे समय बाद आयोजित एपेक्स जेसीसी बैठक में एचएमएस के वरिष्ठ नेता नाथूलाल पांडेय मौजूद नहीं थे। उनकी जगह एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू बैठक में शामिल हुए।
10 मार्च / मंथन मित्तल



