कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और जन-आस्था को समर्पित प्रदेश स्तरीय भोजली महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 29 अगस्त (शनिवार) को कोरबा में किया जाएगा। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर राजनीतिक संगठन), जिला इकाई कोरबा के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद सांस्कृतिक समागम में प्रदेशभर से हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
* ओपन थिएटर से निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ घंटाघर स्थित ओपन थिएटर से होगा। यहां से पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा, लोक वाद्यों की गूंज और आकर्षक सांस्कृतिक झांकियों के साथ एक विशाल भोजली शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ईदगाहनाला स्थित भोजली घाट पहुंचेगी, जहां विधि-विधान के साथ भोजली विसर्जन किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती लोक परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
* पारंपरिक लोककलाओं का संगम
करमा, सुआ, पंथी और राउत नाचा भोजली महोत्सव में छत्तीसगढ़ की विविध लोक कलाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मंच पर प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें मुख्य रूप से करमा एवं करमा महिला नाचा, सुआ नाचा एवं पंथी नृत्य, राउत नाचा एवं बस्तर नाचा, शिव तांडव एवं बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आदि हैं।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की विशेष प्रस्तुतियां भी दर्शकों को बांधे रखेंगी। पूरा आयोजन स्थल पारंपरिक रंग-रूप और छत्तीसगढ़ी परिवेश में रंगा नजर आएगा।
युवाओं के लिए डीजे अनु मिक्स रहेगा आकर्षण पारंपरिक लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसमें आधुनिक संगीत का समावेश भी किया गया है। महोत्सव में डीजे अनु मिक्स की विशेष प्रस्तुति रखी गई है, जिसे लेकर युवा वर्ग में खासा उत्साह है।
* प्रकृति, हरियाली और सामाजिक एकता का पर्व
आयोजकों के अनुसार, भोजली केवल एक धार्मिक अनुष्ठान या त्यौहार नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, हरियाली, अच्छी फसल की कामना, भाईचारे और मितान (मित्रता) परंपरा का प्रतीक है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रदेशवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और संस्कृति प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महोत्सव को सफल बनाने अपील की है।
23 अगस्त / मंथन मित्तल





