Close Menu
Manthan News
    What's Hot

    (कोरबा) उपमुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    (कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Manthan News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • होम
    • देश – विदेश
    • छत्तीसगढ़
      • कोरबा
    • राजनीति
    • हेल्थ
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • खेल
    Manthan News
    You are at:Home»देश - विदेश»‘स्कूलों में मुफ्त में मिले सेनेटरी पैड, वरना मान्यता होगी रद्द…’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
    देश - विदेश

    ‘स्कूलों में मुफ्त में मिले सेनेटरी पैड, वरना मान्यता होगी रद्द…’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

    By Vimal Mittal01/30/2026
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    स्कूलों
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    Supreme Court On School: सुप्रीम कोर्ट ने स्कूली बच्चियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई भी सरकार स्कूली बच्चियों को टॉयलेट और सेनेटरी पैड देने में फेल होती है, तो उन्हें भी जवाबदेह ठहराया जाएगा. इसके साथ ही कोर्ट ने इन चीजों की कमी को लड़कियों के शिक्षा के अधिकार, स्वास्थ्य के अधिकार और समानता के अधिकार का उल्लंघन बताया है. यह आदेश न सिर्फ सरकारी स्कूल के लिए है, बल्कि निजी स्कूलों के लिए है. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की नेता जया ठाकुर द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है. जानें कोर्ट ने क्या कहा?

    सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने मासिक धर्म को लेकर कहा कि यह न सिर्फ गरिमा को बल्कि निजता के अधिकार को भी छीनता है. स्कूलों में सैनेटरी पैड नहीं होने की वजह से कई बार लड़कियां स्कूल छोड़ने और अनुपस्थित रहने के लिए मजबूर होती हैं. स्कूलों में सैनेटरी पैड और साफ टॉयलेट होना बहुत जरूरी है.

    सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लिए जरूरी

    • जस्टिस पारदीवाला ने इस पर फैसला सुनाते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार एक ‘मल्टीप्लायर राइट’ है. कोर्ट ने साफ कहा कि स्कूलों में सामाजिक बाधाएं लड़कियों की पढ़ाई में बाधा बनती हैं. ऐसे में स्कूलों में शौचालयों की कमी, मासिक धर्म को लेकर चुप्पी और जरूरी संसाधनों की कमी पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट बनती हैं.
    • इन बाधाओं को दूर करने की जिम्मेदारी राज्य है. अगर स्कूलों में मासिक धर्म से जुड़ी सुविधाएं, जैसे सेनेटरी पैड नहीं हैं, तो यह शिक्षा के अधिकार को बाधित करता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार और सामाजिक व्यवस्थाएं देना सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों का दायित्व है.

    कोर्ट ने सभी राज्यों को दिए निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि हर स्कूलों में चाहे वो सरकारी हों या प्राइवेट जेंडर-सेग्रिगेटेड शौचालय होना जरूरी है. इसके साथ ही स्कूलों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था , साबुन और हैंडवॉश की सुविधा होनी चाहिए. सभी स्कूलों में मानकों के अनुरूप ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सेनेटरी पैड मुफ्त में दिए जाएं और ऐसी जगह पर रखा जाए, जहां से छात्राएं आसानी से ले सकें. इसके अलावा स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (MHM) कार्नर भी बनाएं. मासिक धर्म को लेकर शिक्षकों, छात्राओं के साथ ही सभी स्टाफ को प्रशिक्षण और जागरूकता दी जाए.

    WhatsApp पर शेयर करें
    Vimal Mittal

    Owner & Editor

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    Previous ArticleYes Bank Case: हाई कोर्ट ने खातेदारों की जानकारी देने बैंक को दिया अंतिम मौका, डिटेल्स नहीं दी तो स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाएगी जांच
    Next Article CG News: प्रेमिका ने किया सुसाइड, हेड कॉन्स्टेबल ने प्रेमी को फंसाने की धमकी देकर 50 हजार मांगे, तंग आकर युवक ने भी आत्महत्या कर ली

    Related Posts

    (कोरबा) डॉ. प्रीति अदाणी ने भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की अहम् भूमिका पर दिया जोर

    02/27/2026

    (कोरबा) गेवरा क्षेत्र की सात कोयला खदानों में गेट मीटिंग

    02/09/2026

    Big Breaking on Ajit Pawar plane crash: महाराष्ट्र के बारामती में विमान हादसा, उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित 5 की दर्दनाक मौत

    01/28/2026
    Top Posts

    (कोरबा) हनुमंत कथा में महिला से चेन स्नेचिंग-आधा दर्जन लोग हुए शिकार

    03/30/2026138 Views

    (कोरबा) ग्राम पंचायत सोनपुरी बैठक में सरपंच संघ का किया गया विस्तार

    06/01/202688 Views

    (कोरबा) भारतमाला मार्ग पर चलते वाहन पर पथराव-लूट के इरादे से हमला-हफ्ते भर में दूसरी वारदात

    04/29/202680 Views

    (कोरबा) लगभग आधा दर्जन लोग जबरिया उठा ले गए एक युवक को गाड़ी में

    04/22/202649 Views
    Don't Miss
    कोरबा 06/03/2026

    (कोरबा) उपमुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    * डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई * मौके पर मिली…

    (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    (कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)

    (कोरबा) बरपाली और कोटमेर में जनसमस्या निवारण शिविर आहूत

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    साइट के कुछ तथ्यों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार/फोटो/विडियो आदि) शामिल होगी। मंथन न्यूज़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं स्वीकार करता है। मंथन न्यूज़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा। मंथन न्यूज़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी। पोर्टल में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से भी ली जाती है, जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है। सभी विवादों का न्याय क्षेत्र कोरबा होगा।

    Vinod Mittal
    Owner and Editor

    Address:
    Vinayak Sadan, A-2, T.P. Nagar Road, Korba, Distt- Korba, Chhattisgarh - 495677

    Mobile: 
    +91 98271-05555

    Email: 
    manthannewskorba@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • WhatsApp
    © 2026 Manthan News Korba. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.