* घटना के वक्त लंच पर गए थे चिकित्सक
कोरबा (मंथन) जानकारी के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना एसईसीएल गेवरा खदान के हैवी ब्लास्टिंग से भिलाई बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक कक्ष के छत से प्लास्टर भरभराकर कर गिर गया।
सुखद पहलू यह रहा कि घटना के वक्त चिकित्सक लंच पर थे। अस्पताल में मरीज भी नहीं थे। जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। दरअसल एसईसीएल गेवरा द्वारा कोयला उत्खनन के लिए ब्लास्टिंग किया जाता है। खदान में होने वाले ब्लास्टिंग के कारण पत्थर के उड़कर आबादी वाले क्षेत्र में गिरना और पक्के भवनों के छत का क्षतिग्रस्त होना अब आम बात हो गई है। कई बार तो लगता है कि ब्लास्टिंग के कारण बिल्डिंग पूरी तरह गिर सकती है। ऐसी ही परिस्थिति पुनः निर्मित हुई।
खदान की हैवी ब्लास्टिंग से स्वास्थ्य केंद्र का बोर भी 2 सालों से धंस चुका है। जिससे पानी की भारी समस्या बनी रहती है। टैंकर से स्वास्थ्य केंद्र के पानी आपूर्ति की जाती है। जिस दिन पानी टैंकर नहीं आता उस दिन कर्मचारी सहित मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, अस्पताल परिसर कोल डस्ट, धूल से पट जाता है, पर्याप्त पानी नहीं होने से सफाई भी नहीं हो पाती। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से खदान की दूरी महज 500 मीटर से भी कम है, रोज रोज हो रही हैवी ब्लास्टिंग से स्वास्थ्य केंद्र की छत, दीवाल भी कमजोर हो गए हैं। कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, कर्मचारी डर के साए में मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
11 मई / मंथन मित्तल



