कोरबा (मंथन) आगामी नेशनल लोक अदालत को सफल और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष के दिशा-निर्देशों व मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत हेतु गठित कमेटी के द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित विडिंयो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम सें विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकें कर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पहली बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा की अध्यक्षता में जिला न्यायालय के सभी न्यायाधीशों के साथ की गई। बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश ने निर्देशित किया कि सभी न्यायाधीश अपने-अपने न्यायालयों में लंबित समझौता योग्य प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करें और पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान के लिए प्रेरित करें। साथ ही प्री-सीटिंग के लिए जारी नोटिसों की तामिली सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। विशेष रूप से राजीनामा योग्य सिविल एवं आपराधिक प्रकरण, बैंक, बीमा, मोटर दुर्घटना दावा, धारा 138 एन आई एक्ट, विद्युत एवं अन्य प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के लिए निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निस्तारण के लिए संवेदनशील संवादात्मक एवं सकारात्मक काउंसलिंग दृष्टिकोण अपनाया जाए। अधिवक्तओं एवं संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर अधिकतम प्रकरणों के निराकरण को सुनिश्चित किया जाए।
तैयारियों को और ज्यादा सुदृढ करने दूसरी बैठक मोटर यान दुर्घटना दावा प्रकरणों सें संबंधित हितधारकों के साथ की गई, जिसमें दावा अधिकरण के न्यायाधीशगण एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी नेशनल लोक अदालत में अधिकाधिक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के निस्तारण के लिए विचार-विमर्श किया गया। इन मामलों में आपसी सहमति और राजीनामा के माध्यम से सुलझाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके। नेशनल लोक अदालत के द्वितीय बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक कोरबा, बैंक अधिकारी, नगर पालिका निगम, विद्युत विभाग, दूर संचार अधिकारी, अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। लोक अदालत के जरिए कम समय, कम खर्च और बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के विवादों का समाधान संभव है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों को बोझ भी कम होगा।
बैठकों में यह भी तय किया गया कि अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित कर उनका समयपूर्व निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, बीमा कंपनियों और अधिवक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। आमजन लोगों से अपील की गई है कि वे नेशनल लोक अदालत में सक्रिय भूमिका निभाएं।
29 अप्रैल / मंथन मित्तल



