कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के ग्राम पंचायत रजगामार की उपसरपंच श्रीमती पूनम चौरसिया ने ग्राम रिस्दी चौक से रजगामार तक जर्जर हो चुकी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत एवं एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से कराया जाए।
उपसरपंच ने अपने पत्र में बताया कि रिस्दी से रजगामार तक एसईसीएल की सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से करीब 15 ग्रामो के ग्रामीणों का प्रतिदिन आवागमन होता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है और पूर्व में हादसों में लोगों की जान जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
श्रीमती चौरसिया ने कहा कि एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के सीएसआर मद से प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों के विकास एवं निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में कलेक्टर के प्रयासों से रेलवे स्टेशन कोरबा से गौमाता चौक सहित अन्य प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के सीएसआर मद से राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी क्रम में उन्होंने रिस्दी चौक से रजगामार तक की सड़क को भी प्रस्तावित कर सीएसआर मद से स्वीकृति दिलाने की मांग की है।
मामले को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सड़क की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्वीकृति की प्रक्रिया कराने का आश्वासन दिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक ने भी आश्वस्त किया कि मुख्यालय से स्वीकृति प्राप्त होते ही रिस्दी से रजगामार तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों के साथ भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिल चौरसिया के कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवेदन देने की भी क्षेत्र में चर्चा रही। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं और सड़क निर्माण जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को लगातार प्रयास करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण होने से करीब 15 ग्रामो के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
अब ग्रामीणों की नजर कलेक्टर एवं एसईसीएल प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन पर है। यदि सड़क निर्माण की स्वीकृति और कार्यवाही निर्धारित समय में आगे बढ़ती है तो क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि मांग पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।
29 सितंबर / मंथन मित्तल





