
कोरबा (मंथन) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के बेनर तले संचालित “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के प्रावधानों, बाल अधिकारों एवं शोषण से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की जा रही है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा स्वामी आत्मानंद शासकीय एनसीडीसी उत्कृष्ट हिन्ही माध्यम विद्यालय कोरबा, जिला कोरबा छ.ग., में अभियान के तहत् जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा छ.ग. द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को बताया गया कि पॉक्सो अधिनियम केवल लड़कियों के लिए ही नहीं बल्कि 18 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक बच्चों के हितों की रक्षा करता है एवं उन्हें न्याय प्रदान करता है। बच्चों को उदाहरण के माध्यम से मोबाईल के द्वारा ऑनलाईन अनजान लोगों से दोस्ती न करने व उनके अपने व्यक्तिगत जानकारी/फोटोग्राफ्स शेयर न करने एवं यदि कोई व्यक्ति निजी विडियों या फोटोग्राफ्स की मांग करें तो अपने घर में अपने बड़े परिवारजनों को जानकारी दे व सोशल मीडिया का सावधानी पूर्वक उपयोग करने की सलाह दिया गया, साथ ही गुड टच, बैड टच की भी जानकारी बच्चों की दिया गया एवं अपने परिवार में व आसपास के क्षेत्र में भी छोटे बच्चों की इसकी जानकारी साक्षा करने का संदेश दिया गया।
माननीय न्यायाधीश कु. मयूरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा छ.ग. के द्वारा लैंगिक अपराधों की जानकारी देते हुए बताये कि बच्चों के साथ अपराध होने या कोई गलत बाते या गलत स्पर्श करता है तो तुरंत मना करे एवं अपने घर पर इसकी जानकारी दे तथा पुलिस को सुचित करें साथ ही स्कूली जीवन के विशेषताओं के बारें में बताया गया कि किस प्रकार स्कूली जीवन में बच्चे अपना सम्पूर्ण समय जीवन को सही दिशा देने में लगा सकते है अपना समय व्यर्थ की बातों में ना लगा कर अपने जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने हेतु समय का सही सदुपयोग कैसे कर सकते है एवं अपने साथीगणों के साथ भी कोई गलत बात या गलत स्पर्श करता है या आपके साथीगण किसी के बहकावे में आकर यदि वे गलत दिशा में जा रहे हो तो उन्हें भी सही दिशा एवं लैंगिक अपराधों की जानकारी देना है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के श्री संजय कुमार तिवारी द्वारा लैंगिक अपराधों की जानकारी देते हुए चाइल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 की जानकारी दिया गया जिसमें किसी भी प्रकार के हो रहे लैंगिक अपराध की सूचना दिया जा सकता है, यह भी बताया गया कि इस नंबर पर जानकारी देने पर जानकारी देने वाले व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रहती है साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के बारे में भी बच्चों को अवगत कराया गया कि शरीर के साथ ही साथ हम अपने मानसिक स्थिति को कैसे स्वस्थ्य रख सकते है। एक स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए शरीर के साथ मानसिक रूप से स्वस्थ्य होना भी अति आवश्यक होता है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अमित खैरवार एवं गणेश जायसवाल, विद्यालय की प्राचार्या डॉ. श्रीमती अल्का फिलिप्स, शिक्षकगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण एवं विद्यालय के समस्त विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
01 नवंबर / मंथन मित्तल





