कोरबा (मंथन) ग्राम लोतलोता में राखड़ (फ्लाई ऐश) डंपिंग को लेकर ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पूर्व सरपंच ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (कोरबा-पश्चिम) द्वारा बंद पड़े राखड़ बांध में दोबारा राखड़ डंप किया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है।
ज्ञापन में आरोप लगाते हुए बताया गया है कि ग्राम लोतलोता स्थित राखड़ बांध को 4-5 वर्ष पहले क्षमता से अधिक भराव के कारण बंद किया गया था। इसके बावजूद अब ग्राम झाबू के राखड़ बांध से राखड़ लाकर यहां और आसपास के खाली स्थानों पर डाला जा रहा है। इससे पूरे गांव में धूल और प्रदूषण की स्थिति बन गई है।
स्थानीय ग्रामीणों का भी आरोप लगाते हुए कहना है कि हल्की हवा चलते ही पूरा क्षेत्र राखड़ की धूल से भर जाता है। शादी-विवाह जैसे आयोजनों में भी भोजन तक में राखड़ गिरने की शिकायत सामने आई है, जिससे मेहमानों को परेशानी हो रही है। वहीं आगामी बरसात में यह समस्या और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की फसल भी प्रभावित हो सकती है।
उल्लेखनीय हैं की पूर्व सरपंच सहित स्थानीय ग्रामीणों ने पहले भी इस संबंध में शिकायत किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि आज के वीडियो में भी स्थिति साफ दिखाई दे रही है, कि ग्राम पंचायत लोतलोता राखड़ से प्यूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने मांग की है, ताकि ग्राम को इस समस्या से राहत मिल सके।
06 मई / मंथन मित्तल



