* सुरक्षा के नहीं किए गए उपाय
कोरबा (मंथन) कोरबा जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित देवपहरी जलप्रपात को गोविंद झुंझा के नाम से जाना जाता है। चोरनई नदी पर पत्थरों के बीच गिरते झरने पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन बारिश के समय यहां जाना खतरे से खाली नहीं है। पत्थर में फिसलन बढ़ जाती है। साथ ही कभी भी जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है।
हर साल बारिश के समय पर्यटकों बीच में फंसने की घटनाएं सामने आती है। उसके अलावा झरने में नहाते समय डूबने का भी डर रहता है। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। वन मंडल कोरबा के एसडीओ आर.एस. राठिया का कहना है कि बारिश के समय पर्यटन केंद्रों को बंद कर दिया जाता है। यहां भी सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे। बारिश के समय जंगल और पहाड़ों में भी जाने से बचना चाहिए।
13 जुलाई / मंथन मित्तल



