कोरबा (मंथन) वन कर्मचारी के तबादले के मामले में संगठन अचानक सक्रिय हो गया हैं। संगठन के द्वारा 7 दिन के भीतर व्यवस्था ठीक करने कहा गया है और ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुराइण ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कोरबा/कटघोरा सहित कई क्षेत्रों में वन कर्मचारियों के तबादले मनमानी तरीके से किए गए हैं। जबकि इसके लिए पहले से नियम बने हुए हैं और हर हाल में इसका परिपालन करना है। इसके बावजूद अपने ही आदेश और मापदंडों को किनारे करते हुए कर्मचारियों के तबादले कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। पिछले दिनों हुए किए गए तबादला और उनके आदेश का परीक्षण करने पर ज्ञात हुआ कि जो नियम रेंज और सर्कल स्तर पर बने हुए हैं उसका ध्यान भी नहीं रखा गया है। कुल मिलाकर यह कर्मचारियों को परेशान करने की नीति है और इस संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
संगठन ने वन और जलवायु परिवर्तन मामलों के मंत्री से लेकर पीसीसीएफ को इस बारे में पत्र भेजा है। इसमें चेतावनी दी गई की व्यवस्था को 7 दिन के अंदर ठीक करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए वरना कामकाज ठप्प कर दिया जाएगा।
06 मई / मंथन मित्तल



