* कई जिलों के बदले सीईओ
* कोरबा सीईओ का भी हुआ तबादला
* भिलाई नगर निगम को मिली नई आयुक्त
कोरबा (मंथन) छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 8 आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के तहत कई जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा नगर निगम भिलाई में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश 7 जुलाई को जारी किया गया।
जारी आदेश के अनुसार, रिमिजियुस एक्का (IAS-2011) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
गजेंद्र सिंह ठाकुर (IAS-2019), जो वर्तमान में जिला पंचायत धमतरी के सीईओ हैं, उन्हें अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास विभाग बनाया गया है।
प्रतीक जैन (IAS-2020) को जिला पंचायत बस्तर से स्थानांतरित कर जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सुश्री सुरुचि सिंह (IAS-2020) को जिला पंचायत राजनांदगांव से स्थानांतरित कर नगर पालिक निगम भिलाई का आयुक्त बनाया गया है। इसी प्रकार जयंत नाहटा (IAS-2021) को जिला पंचायत दंतेवाड़ा से स्थानांतरित कर जिला पंचायत धमतरी का CEO बनाया गया है।
वहीं एम. भार्गव (IAS-2023), जो वर्तमान में डोंगरगढ़ के एसडीएम हैं, उन्हें जिला पंचायत दंतेवाड़ा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। तनय खन्ना (IAS-2023), एसडीएम कटघोरा (जिला कोरबा), को जिला पंचायत बस्तर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।
इसके अलावा दुर्गा प्रसाद अधिकारी (IAS-2023), एसडीएम घरघोड़ा (जिला रायगढ़), को जिला पंचायत राजनांदगांव का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को जिलों और नगरीय निकायों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य शासन ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2020 बैच के आईएएस अधिकारी प्रतीक जैन को जिला पंचायत कोरबा का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। इससे पहले वे बस्तर जिले में जिला पंचायत सीईओ के रूप में पदस्थ थे। आईएएस प्रतीक जैन छत्तीसगढ़ कैडर के 2020 बैच के अधिकारी हैं। वे शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट उपलब्धि रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.कॉम (ऑनर्स) की पढ़ाई की है तथा वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) भी हैं। प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय प्रबंधन की मजबूत समझ रखने वाले अधिकारियों के रूप में उनकी पहचान रही है। कोरबा में उनके संचालन अधिकारियों के बाद जिला पंचायत की विकास योजनाओं, ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायतों की नीतियों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
08 जुलाई / मंथन मित्तल



