* जेल में दोस्ती उपरांत बनाई लूट की योजना
* अंधे कत्ल, दुष्कर्म और संगीन अपराधों के पुराने अपराधियों ने जेल में रची थी साजिश
* वारदात में इस्तेमाल चोरी की बाइक और कट्टा बरामद
कोरबा (मंथन) कोरबा जिले के कटघोरा सड़क मार्ग पर बसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक ग्राम छुरीकला स्थित चर्चित “राज ज्वेलर्स” में दिनदहाड़े कट्टा अड़ाकर और मिर्च पाउडर झोंककर लूट का प्रयास करने वाले दो अंतरजिला शातिर आरोपियों को कोरबा पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने इस अंधे मामले का महज कुछ ही दिनों में सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया की पकड़े गए दोनों आरोपी पूर्व में हत्या, दुष्कर्म और डकैती जैसे संगीन मामलों में जेल जा चुके हैं, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। मामले का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा हैं, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
उल्लेखनीय हैं की इस बहुचर्चित दुस्साहसिक मामले में घटना के तुरंत बाद वारदात की जानकारी समस्त अंचल में प्रचारित हो गयी। किंतु अधिकृत तौर पर कुछ भी खुलासा नहीं हो पाया, परिणामतः समाचारो की दुनिया से जुड़े लोगो की सक्रियता ने जो जानकारी मिली, उसे सार्वजनिक करना प्रारंभ कर दिया। जिससे अनेक भ्रांतिपूर्ण जानकारी भी प्रकाश में आयी। किंतु पुलिस की सक्रियता से सने-सने घटना के सूत्र जुड़ने लगे और इस अंधे अपराध को सघर उजाले में लाया जा सका।
उक्त घटना बीते 1 जुलाई की दोपहर लगभग 1:00 बजे घटित हुई थी। जिसमे बताया जा रहा हैं की छुरीकला के वार्ड क्रमांक 10 स्थित राज ज्वेलर्स संस्थान के संचालक राजकुमार अग्रवाल दुकान में अकेले बैठे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन नकाबपोश (गमछा बांधे) ग्राहक बनकर संस्थान में आए। इनमें से एक आरोपी महिला के भेष में था। चांदी की अंगूठी देखने के बहाने काउंटर के पास आकर एक आरोपी ने दुकान का मुख्य चैनल गेट बंद कर दिया, जबकि दूसरे ने व्यवसायी की छाती पर देशी कट्टा तान दिया।
उक्त आरोपियों ने व्यवसायी की आंखों में मिर्च पाउडर डालने और गहने बैग में भरने की कोशिश की, लेकिन पीड़ित व्यवसायी की सूझबूझ के साथ किए साहसिक प्रतिरोध और बाहर लोगों की भीड़ जुटती देख आरोपियों के हौसले पस्त हो गए। घबराहट में आरोपी अपना देशी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल मौके पर ही छोड़कर जंगल के रास्ते भाग निकले थे।
* पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की खाक छानी, जंगल के रास्तों पर पीछा
लूट के इस हाईप्रोफाइल दुस्साहसिक प्रयास के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक कटघोरा नीतीश कुमार ठाकुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दर्री विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में सायबर सेल और कटघोरा पुलिस की संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस की टीम ने शहर और सीमावर्ती क्षेत्रों के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सायबर सेल की तकनीकी इनपुट और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने जशपुर, पत्थलगांव, धरमजयगढ़, सीतापुर और अंबिकापुर के जंगलों व संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। आखिरकार घेराबंदी कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने कड़ाई से पूछताछ में करने पर अपना जुर्म कबूल कर लिया।
# पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास
* गोपाल सिंह गोंड (उम्र 38 वर्ष) निवासी ग्राम घुचापुर, चौकी कोरबी, थाना पसान, जिला कोरबा।
* परदेशी राठिया (उम्र 40 वर्ष) निवासी ग्राम जिलगा (बरपाली), थाना श्यांग, जिला कोरबा।
# फरार आरोपी
* विष्णु प्रसाद राठिया निवासी ग्राम कोलगा, थाना करतला, जिला कोरबा।
* आरोपी भेजे गए जेल
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(6), 61(2)(क) और 25 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 237/2026 दर्ज किया है। घटना में प्रयुक्त चोरी की बाइक और कट्टा जब्त कर आरोपियों को कटघोरा न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
* इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस बहुचर्चित मामले को सुलझाने में कटघोरा थाना प्रभारी मोती लाल पटेल, निरीक्षक धर्मनरायण तिवारी, सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक अजय सोनवानी, सउनि राम पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, अनुज सिंह, राजेश कंवर और आरक्षक डेमन ओग्रे, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, संजू सिंह, श्यांग सिदार समेत सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही, जिनकी सराहना करते हुए पीठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने भी थपथपाई है।
07 जुलाई / मंथन मित्तल



