* 29 ग्रामो में नए टॉवर किये गए स्थापित
* मोबाइल कनेक्टिविटी से आई संचार क्रांति
कोरबा (मंथन) कोरबा वनांचल क्षेत्र में संचार क्रांति आ गई है और ग्रामीणों के घरों में अब मोबाइल की घंटी बजने लगी है। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में जहां अब तक किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं पहुंचा था, ऐसे 29 ग्रामो में बीएसएनएल ने नए टॉवर स्थापित कर 4जी नेटवर्क की सुविधा शुरू कर दी है।
साथ ही साथ ही ग्रामीण इंटरनेट का उपयोग कर डिजिटल सेवा का भी लाभ लेने लगे हैं। स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल या सर्पदंश जैसी घटनाओं के समय अब 108 एम्बुलेंस या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना भी आसान हो गया। बीएसएनएल ने डेढ़ साल के भीतर ग्राम चिन्हित कर उपकरणों का इंस्टॉलेशन कराया है। जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्रामो तक मोबाइल टॉवर लगा नेटवर्क पहुंचाना आसान नहीं था, पर बीएसएनएल ने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर बड़ी राहत दी है। कई ग्राम तक बिजली नहीं पहुंची है, ऐसे स्थानों पर मोबाइल टॉवर काम करते रहे, इसके लिए डीजी सेट और सौर ऊर्जा का विकल्प तैयार किया गया है। टॉवर व उपकरणों की निगरानी भी ग्रामीणों को सौंपी है। ग्राम में टॉवर लगने के बाद अब घर से मोबाइल पर बातचीत और वीडियो कॉल होने लगी है। बीएसएनएल द्वारा सुदूर वनांचल क्षेत्र के बाद आगे दूसरे चरण में पीवीटीजी के तहत ट्रायबल एरिया में मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रारंभिक सर्वे पूरा हो गया है, जिसमें पहुंच विहीन 9 ग्राम को चिन्हित किया गया है, जहां बहुतायत में ट्रायबल बसते हैं। डीजीपीएस सर्वे और जमीन आवंटन की प्रक्रिया बाकी है। ऐसे क्षेत्र फॉरेस्ट लैंड में होने की वजह से एनओसी व अन्य प्रक्रिया में देरी हो सकती है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने 4जी सेचुरेशन प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत जिले में 29 टॉवर लगाए गए हैं, प्रत्येक साइट पर 1 करोड़ की लागत से सेटअप तैयार हुआ है। सभी टॉवर में डीजी सेट व सौर ऊर्जा का बेकअप दिया है, जिससे बिजली गुल होने पर भी मोबइल टॉवर ठप्प ना हो।
07 अगस्त / मंथन मित्तल



