* मजबूत कंक्रीट टंकी तोड़कर लगाई जा रही स्तरहीन सिंटेक्स
* गिरते मलबे से लोग घायल व गाड़ियां हुई क्षतिग्रस्त
* बिना लिफ्ट मशीन के तीन मंजिला छत से फेंका जा रहा भारी मलबा
* बी-टाइप आवासों को पहुंचा भारी नुकसान
* करोड़ों/लाखों के बजट का खेल
* सुरक्षा मानकों और सामग्री की गुणवत्ता पर स्थानीय रहवासियों ने उठाए गंभीर सवाल
* एसईसीएल प्रबंधन से उच्च-स्तरीय जांच और दोषी ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग
कोरबा (मंथन) कोरबा-पश्चिम एसईसीएल-दीपका क्षेत्र के प्रगति नगर स्थित बी-टाइप आवासीय परिसर में पेयजल सुविधा विस्तार के नाम पर चल रहा कार्य स्थानीय रहवासियों के लिए जानलेवा बन गया है। आरोप हैं की यहाँ छतों पर बनी पुरानी और अत्यधिक मजबूत कंक्रीट की पानी टंकियों को बेवजह तोड़कर उनके स्थान पर लोकल व स्तरहीन सिंटेक्स टंकियां लगाई जा रही हैं। ठेकेदार की इस मनमानी कार्यप्रणाली, घटिया निर्माण सामग्री और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं।
जानकारी के अनुसार आरोप लगायागया हैं की इस ठेका कार्य के तहत लगाई जा रही सिंटेक्स टंकियां और पाइप बेहद लोकल व घटिया क्वालिटी के हैं। बी-टाइप के निवासियों का कहना है कि जब छतों पर पहले से बनी कंक्रीट की टंकियां मजबूत थीं और उनकी जल भराव क्षमता भी अधिक थी, तो उन्हें तोड़कर कम क्षमता वाली हल्की सिंटेक्स टंकियां लगाने का क्या औचित्य है ? लोगों ने आरोप लगाया है कि यदि इस टेंडर और सामग्री की निष्पक्ष जांच हो तो एक बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।
काम के दौरान जान-माल की सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। नियमानुसार तीन मंजिला इमारत से भारी कंक्रीट का मलबा नीचे उतारने के लिए लिफ्ट मशीन का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन पैसे बचाने के चक्कर में ठेकेदार द्वारा टीन की चादरों से एक नलीनुमा अस्थायी ढांचा बनाकर सीधे छत से मलबा नीचे फेंका जा रहा है। इस खतरनाक तरीके के कारण कंक्रीट के बड़े-बड़े टुकड़े छिटक कर चारों तरफ बेतरतीब ढंग से गिर रहे हैं।
आरोप हैं की छत से सीधे मलबा फेंकने की इस घोर लापरवाही के कारण परिसर में अब तक कई हादसे हो चुके हैं। मलबे की चपेट में आने से जहाँ कुछ राहगीरों और निवासियों को चोटें आई हैं, वहीं नीचे स्थित मकानों के हिस्से भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिलें और गाड़ियां कंक्रीट गिरने से बुरी तरह टूट-फूट गई हैं। इस जानलेवा माहौल के कारण पूरे बी-टाइप परिसर के निवासी दहशत में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे कार्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग कर लोगों को फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। रहवासियों ने एसईसीएल प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कार्य स्थल पर तत्काल प्रभाव से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। घटिया सामग्री के इस्तेमाल की उच्च-स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले और लोगों की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
16 जुलाई / मंथन मित्तल



