* खाली जमीन का भी देना होगा संपत्ति कर
* औद्योगिक संस्थानों पर ₹10 प्रति वर्ग फीट कर लागू
* सालाना 30 करोड़ आय बढ़ने की उम्मीद
कोरबा (मंथन) कोरबा नगर निगम ने औद्योगिक संस्थानों से नई दर से संपत्ति कर की वसूली के लिए निर्धारण शुरू कर दिया है। औद्योगिक संस्थानों की जमीन पर टैक्स की दर 10 पैसे से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति वर्ग फुट करने का निर्णय लिया गया हैं। इससे निगम को 30 से 35 करोड़ तक सालाना संपत्ति कर मिलने का अनुमान है। इसके अलावा पेट्रोल पंपों पर भी यह नियम लागू होगा।
नगर निगम ने लोगों के संपत्ति कर में करीब 11 सालों से कोई बढ़ोतरी नहीं की है। ऐसे में राजस्व बढ़ाने दूसरे उपाय किए जा रहे हैं। औद्योगिक संस्थानों से भी संपत्ति कर की वसूली की जाती है। नगर निगम बनने के बाद से अब तक मात्र 10 पैसे प्रति वर्ग फीट के हिसाब से वसूली की जा रही थी। इसे ही बढ़ाकर 10 रुपए प्रति वर्ग फीट किया है। औद्योगिक संस्थान प्लांट के साथ ही खाली जमीन को दूसरे कामों के लिए उपयोग करते हैं।
एसईसीएल से अभी करीब 24 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है, जो बढ़कर ढाई करोड़ रुपए के करीब पहुंच जाएगा। इसी तरह एनटीपीसी, बालको, बिजली, एचटीटीपी पावर प्लांट, जहां नए निर्माण से भी संपत्ति कर अधिक मिलेगा। उत्पादन कंपनी, इंडियन ऑयल से भी संपत्ति कर की वसूली होती है। इसका आम लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जितनी जमीन उद्योग लगाने के लिए अधिग्रहित की गई थी, उस हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स की गणना की जा रही। शहर में पेट्रोल पंप खुले में उद्योग संचालित करते हैं। इस वजह से इसे भी दायरे में रखा गया है। डीएसपीएम पावर प्लांट से पहले 1.7 करोड़ रुपए का टैक्स मिलता था, अब बढ़कर 9 करोड़ 46 लाख रुपए हो जाएगा। इसी तरह एचटीटीपी से भी 2.70 करोड़ का टैक्स से प्राप्त हो रहा था। वह बढ़कर 4 करोड़ रुपए हो जाएगा। बालको ने 11 करोड़ रुपए जमा किया था।
* लघु उद्योग को टैक्स फ्री करने से 1 करोड़ तक का हुआ नुकसान
नगर निगम को औद्योगिक परिक्षेत्र खरमोरा के लघु उद्योगों से भी हर साल 1 करोड़ रुपए का संपत्ति कर मिलता था। अब टैक्स फ्री करने से हर साल नुकसान हो रहा है। इसकी भरपाई भी दूसरे क्षेत्रों से नहीं हो रही थी। औद्योगिक संस्थानों के टैक्स में वृद्धि होने से इसकी भरपाई भी होगी। खाली जमीन का भी आंकलन किया जा रहा है।
* नगर निगम का अभी 117 करोड़ रुपए कर वसूली का लक्ष्य
नगर निगम संपत्ति कर के साथ, जलकर, समेकित कर, निर्यात कर की वसूली करता है। पिछले साल 117 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा था। इसके विरुद्ध 100 करोड़ से अधिक की वसूली हुई थी। घरेलू संपत्ति कर का बकाया अधिक रहता है। हर साल करीब 80 से 85 प्रतिशत ही वसूली हो पाती है। इसे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
* संस्थाओं से दर के हिसाब से स्व निर्धारण की जिम्मेदारी
नगर निगम हर साल औद्योगिक संस्थानों के डिमांड नोट जारी करता है। इस पर कई बार संस्थान आपत्ति भी करते हैं। इस वजह से संस्थानों को नई दर के हिसाब से टैक्स का स्व निर्धारण करने कहा गया है, ताकि टैक्स निर्धारण में कोई समस्या न हो। एनटीपीसी को इस बार 5 करोड़ 80 लाख रुपए तक टैक्स जमा करना होगा।
* निगम को नहीं होगी विकास कार्यों के लिए फंड की कमी
निगम भी वार्डों में निगम मद से सड़क-नाली के साथ मूलभूत सुविधाओं के लिए छोटे-छोमे काम कराता है। इसके लिए फंड की कमी के कारण दूसरे मद से काम कराना होता है। इसकी वजह से निगम टैक्स वसूली पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए ही मकानों का सर्वे भी कराया जा रहा है। 67 वाडों में औद्योगिक संस्थान की कॉलोनी और क्षेत्र की बस्तियां भी आती हैं।
* नई दर से कर की वसूली की प्रक्रिया जारी
नगर निगम कोरबा संपदा अधिकारी अनिरुद्ध सिंह औद्योगिक संस्थानों की संपत्ति कर में वृद्धि मार्च से लागू हो गया है। इसी के हिसाब से टैक्स का निर्धारण किया जा रहा है। संस्थाओं को भी आंकलन करने कहा है। साथ ही समय पर भुगतान करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस बार संपत्ति कर से निगम की आय बढ़ेगी।
14 जुलाई / मंथन मित्तल



