* दोपहिया वाहनों की आवाजाही रुकी
* लोगों को घरों से निकालना पड़ा पानी
* कुचैना अंडरब्रिज डूबने से दीपका मार्ग हुआ ठप्प
* इमलीछापर में नाली नहीं होने से डूबी सड़क
* गेवरा बस्ती के घरों में भरा घुटनों तक पानी
कोरबा (मंथन) मानसून आने के बाद अब कोरबा जिले में बारिश का असर दिखने लगा है। लगातार तीसरे दिन शाम को जिलेभर में बारिश हुई। इसी कड़ी में कोरबा-पश्चिम कुसमुंडा क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हुई।
परानु माना जा रहा हैं की शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण कई क्षेत्र जलमग्न हो गए और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। कोरबा शहर से दीपका की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर कुचैना के पास बने नए अंडरब्रिज में इतना भारी भर गया की नजारा तालाब जैसा हो गया। यहां से छोटे चक्के वाले दोपहिया की आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई। इसी तरह इमलीछापर तिराहा के पास अधूरे ओवरब्रिज के पास फोरलेन के हिस्से के किनारे नाली नहीं होने पानी भरा और सड़क डूब गई। वहीं पास ही गेवरा बस्ती में बारिश के पानी के निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं किए जाने से गली-मोहल्ले के साथ ही घरों में घुटने तक पानी भर गया। यहां लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और घरों का सामान पानी से खराब हो गया।
* कुचैना अंडरब्रिज में झरना/तालाब जैसा दिखा नजारा
कोरबा शहर से दीपका को जोड़ने वाला रेलवे अंडरब्रिज एक बार फिर राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। बारिश होने के कारण सड़क से बहकर पहुंचने वाले पानी से बीच में जलजमाव हो गया, तो ब्रिज के ऊपर हिस्से से पानी गिरने से झरना बन गया। अंडरब्रिज में कई फीट तक पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया की रफ्तार थम गई। कई दोपहिया पानी के बीच में ही बंद हो गए, जिसके कारण लोग बीच मझधार में फंसे नजर आए। राहगीर खतरे के बीच घुटने भर गंदे पानी के बीच से गाड़ियां खींचकर पार करने को मजबूर हुए।
* गेवरा बस्ती में मकानों में घुसा पानी
जानकारी के अनुसार गेवरा बस्ती में जल निकासी प्रणाली पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुटनों तक भर जाने से घरेलू सामान, राशन और कीमती उपकरण बर्बाद हो गए।
* फोरलेन सड़क की स्थिति एक साल बाद भी जस की तस
बताया जा रहा हैं की इमलीछापर के पास बने फोरलेन सड़क के किनारे जल निकासी के लिए नाली की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते बारिश का पूरा पानी सड़क पर जमा हो गया और देखते ही देखते मुख्य सड़क ने तालाब का रूप ले लिया।
एक साल पहले भी इसी तरह की समस्या से परेशान होकर स्थानीय कारोबारियों ने गंदे पानी के बीच स्नान कर अनोखे अंदाज में विरोध जताया था। तब प्रशासन ने जल्द ही जल निकासी और नाली बनाने का आश्वासन दिया था। सालभर बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई हैं। स्थानीय निवासियो का आरोप लगाते हुए कहना हैं की प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा स्थानीय निवासी भुगत रहे हैं।
* जलभराव और अव्यवस्था से प्रशासन-जनप्रतिनिधि के खिलाफ लोगों में आक्रोश
कुसमुंडा क्षेत्र में सड़क, अंडरब्रिज से लेकर मोहल्ले तक जलभराव से स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों में प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गहन आक्रोश व्याप्त है। कुसमुंडा निवासी एक युवक ने बताया की यदि प्रशासन समय रहते एसईसीएल पर दबाव बनाता, तो इमलीछापर चौक पर नाली बन जाती और सड़क पर जलभराव नहीं होता। गेवरा बस्ती निवासी युवक के मुताबिक बारिश से पहले क्षेत्र में पानी निकासी के लिए सही ढंग से काम नहीं किया गया और खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। दीपका निवासी युवक के मुताबिक अंडरब्रिज बनाने में तकनीकी खामियों का नतीजा जब-जब भारी बारिश हो रही है, राहगीरों को उठाना पड़ रहा है।
03 जुलाई / मंथन मित्तल



