कोरबा (मंथन) जानकारी के अनुसार विविध प्राकृतिक संसाधनों में देश की अग्रणी कंपनी वेदांता लिमिटेड (बीएसईः 500295 और एनएसईः वीईडीएल) ने कंपनी की 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 26 में शासकीय खजाने में रु 62,722 करोड़ का योगदान दिया है। यह रिपोर्ट देश के निर्माण और पारदर्शी प्रशासन गवर्नेंस के लिए वेदांता की प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाती है। यह योगदान कंपनी के संचालन से होने वाले कुल राजस्व का लगभग 36 फीसदी है, जो भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है।
पिछले साल की तुलना में योगदान में 13.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज है, जिसके साथ पिछले दस सालों मेंशासकीय खजाने में वेदांता का कुल योगदान रु4,83,034 करोड़ हो गया है। कंपनी ने वित्तीय अनुशासन, राष्ट्र-निर्माण और विकसित भारत मिशन को समर्थन देने पर विशेष रूप से ध्यान दिया है। यह ग्रुप शासकीय खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 निजी सेक्टरों के सदनों में शामिल है।
शासकीय खजाने में यह योगदान वित्तीय वर्ष-26 में वेदांता के सबसे अच्छे फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की वजह से हुआ। इस अवधि में कंपनी का राजस्व लगभग 15 फीसदी बढ़कर रु 1,74,075 करोड़ हो गया, जो कंपनी के इतिहास में सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया है। इसी तरह कर के बाद मुनाफ़ा (पीएटी) 22 फीसदी बढ़कर रु 25,096 करोड़ हो गया। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मज़बूत हुई। जो 14 तिमाहियों में इसका सबसे अच्छा स्तर है।
वेदांता के अलग-अलग तरह के बिज़नेस पोर्टफोलियो जिसमें जिंक-लेड-सिल्वर, एल्युमीनियम, कॉपर, आयरन ओर, स्टील, पावर, निकेल, क्रोम और ऑयल एंड गैस शामिल हैं, आदि में मज़बूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की वजह से कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी बहुत अच्छा रहा।
जानकारी के अनुसार ज़िंक ने रु 19,053 करोड़ के साथ सबसे अधिक योगदान दिया, इसके बाद एल्युमीनियम (जिसे अब वेदांता एल्युमीनियम के तौर पर लिस्ट किया गया है) का योगदान रु 15,788 करोड़ और ऑयल एंड गैस (जिसे अब वेदांता ऑयल एंड गैस के तौर पर लिस्ट किया गया है) का योगदान रु 11,697 करोड रहा। यह महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा के क्षेत्र में वेदांता के पोर्टफोलियो के विस्तार और विविधता को दर्शाता है।
26 जून / मंथन मित्तल



