कोरबा (मंथन) आरटीओ कार्यालय के सामने वर्षों से संचालित ठेलों और दुकानों को हटाने के प्रस्ताव के बीच महापौर संजू देवी राजपूत ने प्रभावित व्यवसायियों को राहत देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दुकानों और ठेलों को यथावत रखा जाए अथवा हटाने की स्थिति में पहले उनके पुनर्वास और व्यवस्थापन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जानकारी के अनुसार नगर निगम कार्यालय साकेत भवन पहुंचे दुकानदारों और ठेला संचालकों ने महापौर से मुलाकात कर आवेदन सौंपा। व्यवसायियों ने बताया कि वे पिछले लगभग 13 वर्षों से आरटीओ कार्यालय के सामने ऑनलाइन वाहन बीमा, दस्तावेजी कार्य और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही आम नागरिकों को भी इन सेवाओं से सुविधा मिल रही है।
दुकानदारों ने बताया कि उन्हें तीन दिनों के भीतर दुकान और ठेले हटाने का नोटिस मिला है। उनका कहना है कि यदि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया गया तो लगभग 25 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा और कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
महापौर संजू देवी राजपूत ने व्यवसायियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि इन दुकानों और ठेलों से 25 परिवारों के 100 से अधिक लोगों का जीवन-यापन जुड़ा हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित दुकानदारों को यथास्थान बनाए रखने का प्रयास किया जाए। यदि किसी कारणवश हटाना आवश्यक हो तो पहले उनके लिए वैकल्पिक स्थान और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महापौर ने व्यवसायियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके साथ न्याय होगा और उनकी आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए निगम स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी। इस दौरान पार्षद अब्दुल रहमान भी उपस्थित रहे।
11 जून / मंथन मित्तल





