Close Menu
Manthan News
    What's Hot

    (कोरबा) उपमुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    (कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Manthan News
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • होम
    • देश – विदेश
    • छत्तीसगढ़
      • कोरबा
    • राजनीति
    • हेल्थ
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • खेल
    Manthan News
    You are at:Home»कोरबा»(कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)
    कोरबा

    (कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)

    By Vinod Mittal06/03/2026
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

    किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए लचीली और सरल प्रक्रियाओं के साथ एकल खिड़की के तहत बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त और समय पर कृषि ऋण सहायता प्रदान करने, फसलों की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने, फसल कटाई के बाद के खर्च हेतु, विपणन ऋण हेतु, किसान परिवार की उपभोग आवश्यकताएँ, कृषि परिसंपत्तियों और कृषि से संबंधित गतिविधियों के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता को पूर्ण करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ वर्ष 1998 में किया गया।

    छत्तीसगढ़ शासन की किसान हितैषी नीतियों के तहत कोरबा जिले में किसानों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का सुचारू संचालन किया जा रहा है। कोरबा जिले में 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का एक मजबूत नेटवर्क कार्यरत है। इन समितियों के माध्यम से जिले के 55,841 किसान क्रेडिट कार्ड धारक सीधे जुड़े हुए हैं। समितियों द्वारा किसानों को खरीफ और रबी फसलों के लिए खाद, उन्नत बीज और नगद ऋण का वितरण बिना किसी ब्याज के समय पर सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले के पंजीकृत किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है। शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में इसका विस्तार अन्य कृषि-संबद्ध क्षेत्रों यथा पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी में भी किया गया है। डेयरी व्यवसाय, बकरी पालन और कुक्कुट पालन के लिए पशुपालकों को कार्यशील पूंजी हेतु केसीसी की सुविधा दी जा रही है। मछली पालकों को तालाब पट्टा, जाल, चारा और नाव जैसी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। फल, सब्जी और मसालों की खेती करने वाले जिले के उद्यानिकी किसानों को भी इस योजना के तहत कवर किया जा रहा है।

    किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी.) के तहत ऋण सीमा खेती के क्षेत्रफल, फसल की लागत और किसान की आवश्यकताओं के आधार पर तय की जाती है। पहले वर्ष की सीमा में फसल खर्च के साथ घरेलू जरूरतों, रखरखाव और बीमा के लिए अतिरिक्त राशि शामिल होती है। दूसरे से पाँचवें वर्ष तक लागत बढ़ने की संभावना को देखते हुए हर वर्ष लगभग 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा जोड़ी जाती है। भूमि विकास, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए अलग से सावधि (टर्म) ऋण दिया जा सकता है। कुल के.सी.सी. सीमा में अल्पकालिक फसल ऋण और दीर्घकालिक निवेश ऋण दोनों शामिल होते हैं। बैंक किसान की पुनर्भुगतान क्षमता के अनुसार ऋण सीमा तय करता है और आवश्यकता होने पर अतिरिक्त जमानत भी मांग सकता है।

    किसान क्रेडिट कार्ड हेतु व्यक्तिगत/संयुक्त उधारकर्ता जो मालिक कृषक हैं, किरायेदार किसान, मौखिक पट्टेदार और फसल साझा करने वाले, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) या किसानों के संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) जिनमें किरायेदार किसान, साझा फसल आदि कृषक पात्र ता की श्रेणी में शामिल हैं।

    पात्र कृषक अपने नजदीकी बैंक शाखा अथवा सहकारी समितियों में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित के.सी.सी. प्रपत्र भरकर आवेदन कर सकते है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पासपोर्ट आकार की दो फोटो, पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस/आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/पासपोर्ट, पते का प्रमाण जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि स्वामित्व का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई गई फसलें), 60 लाख/3 लाख रुपये से अधिक की ऋण सीमा के लिए प्रतिभूति दस्तावेज, जैसा भी लागू हो, मंजूरी के अनुसार कोई अन्य दस्तावेज जमा करना पडे़गा।

    कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने जिलें के सभी पात्र किसानों से अपील की है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर की मंशानुरूप जिले के सभी शेष कृषक, पशुपालकों और मछली पालकों से अपील है कि वे अपने नजदीकी सहकारी समिति या बैंक शाखा में संपर्क कर अपना किसान क्रेडिट कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाएं और शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।ताकि किसानों को उनकी खेती और अन्य आवश्यकताओं के लिए सुगम कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

    जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर नोडल क्षेत्र जिला-कोरबा (छ.ग.) से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ वर्ष 2026 अंतर्गत जिलें में अब तक 5312 पंजीकृत कृषक सदस्यों को नगद राशि रूपये 2863.91 लाख, खाद राशि रूपये 7.66 लाख, इस प्रकार कुल राशि रूपये 2871.57 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है। जिसमें 354 नवीन कृषकों को कुल  राशि  रू. 213.61 लाख का ऋण वितरण शामिल है।

     

    03 जून / मंथन मित्तल

    WhatsApp पर शेयर करें
    Vinod Mittal
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    Previous Article(कोरबा) बरपाली और कोटमेर में जनसमस्या निवारण शिविर आहूत
    Next Article (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    Related Posts

    (कोरबा) उपमुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    06/03/2026

    (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    06/03/2026

    (कोरबा) बरपाली और कोटमेर में जनसमस्या निवारण शिविर आहूत

    06/03/2026
    Top Posts

    (कोरबा) हनुमंत कथा में महिला से चेन स्नेचिंग-आधा दर्जन लोग हुए शिकार

    03/30/2026138 Views

    (कोरबा) ग्राम पंचायत सोनपुरी बैठक में सरपंच संघ का किया गया विस्तार

    06/01/202688 Views

    (कोरबा) भारतमाला मार्ग पर चलते वाहन पर पथराव-लूट के इरादे से हमला-हफ्ते भर में दूसरी वारदात

    04/29/202680 Views

    (कोरबा) लगभग आधा दर्जन लोग जबरिया उठा ले गए एक युवक को गाड़ी में

    04/22/202649 Views
    Don't Miss
    कोरबा 06/03/2026

    (कोरबा) उपमुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    * डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई * मौके पर मिली…

    (कोरबा) सहकारी समिति से समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की तैयारी हुई आसान

    (कोरबा) किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासकोरबा (मंथन)

    (कोरबा) बरपाली और कोटमेर में जनसमस्या निवारण शिविर आहूत

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo

    साइट के कुछ तथ्यों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री (समाचार/फोटो/विडियो आदि) शामिल होगी। मंथन न्यूज़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं स्वीकार करता है। मंथन न्यूज़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा। मंथन न्यूज़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी। पोर्टल में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से भी ली जाती है, जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है। सभी विवादों का न्याय क्षेत्र कोरबा होगा।

    Vinod Mittal
    Owner and Editor

    Address:
    Vinayak Sadan, A-2, T.P. Nagar Road, Korba, Distt- Korba, Chhattisgarh - 495677

    Mobile: 
    +91 98271-05555

    Email: 
    manthannewskorba@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • WhatsApp
    © 2026 Manthan News Korba. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.